UP News: नेशनल पेमेंट कारपोरेशन ऑफ़ इंडिया (NPCI) ने ₹2000 से ज्यादा के पर्सन टू मर्चेंट यूपीआई ट्रांजैक्शन पर 0.4% का मरचेंट डिस्काउंट रेट तय किया है। इस निर्णय से प्रदेश के व्यापारियों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया है।
उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष संजय गुप्ता ने कहा इस चार्ज से व्यापारियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा उन्होंने कहा व्यापारी पहले से ही बैंक को अनेक प्रकार के चार्ज दे रहा है जिसमें एसएमएस के चार्ज, आईएमपीएस चार्ज ,कैश हैंडलिंग चार्ज शामिल है तथा 75000 उससे ज्यादा का ट्रांजैक्शन पर एमडीआर की सीमा ₹300 रूपए ट्रांजैक्शन तय की गई है, जो 15 अक्टूबर से 2026 से लागू होगी।
व्यापारियों पर पड़ेगा अतिरिक्त बोझ
इससे व्यापारियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा तथा निश्चित रूप से यह भुगतान अपरोक्ष रूप से ग्राहकों को ही भुगतान करना पड़ेगा जिससे जनता पर बोझ पड़ेगा। यह शुल्क व्यावहारिक नहीं है: अत: उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल सरकार से मांग करता है कि यह शुल्क वापस लिया जाए।
उन्होंने कहा व्यापारी समाज अपने संसाधनों से जनता से कर संग्रह करके सरकार के खजाने को भरने का काम करता है और सरकार लगातार व्यापारियों पर अनेक प्रकार के शुल्क एवं जिम्मेदारियां लगाती जा रही है जो की अन्याय की परिधि में आता है।
सरकार से ये शुल्क वापस लेने की मांग
व्यापारी नेता संजय गुप्ता ने सरकार से ये शुल्क वापस लेने की मांग की तथा कहा यदि यह शुल्क वापस नहीं हुआ तो आदर्श व्यापार मंडल आंदोलन करेगा उन्होंने कहा एक तरफ सरकार चाहती है कि अधिक से अधिक ट्रांजैक्शन बैंक के माध्यम से हो तथा डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने की बात करती है दूसरी ओर तरह तरह के शुल्क लगाकर लोगों को बैंक के माध्यम से व्यापार करने के लिए हतोत्साहित कर रही है।
