सरकार ने कहा- ₹2,000 तक UPI पेमेंट फ्री रहेगा, इससे ज्यादा पर फीस अभी तय नहीं

सरकार ने कहा- ₹2,000 तक UPI पेमेंट फ्री रहेगा, इससे ज्यादा पर फीस अभी तय नहीं

UPI Charges News: यूपीआई से ₹2,000 तक पेमेंट करने पर ग्राहक से किसी तरह की फीस नहीं ली जा सकती। वित्त मंत्रालय ने सोमवार को नोटिफिकेशन जारी कर यह स्थिति साफ कर दी। अब ₹2,000 तक के UPI पेमेंट पर बैंक या पेमेंट सिस्टम प्रोवाइडर कोई डायरेक्ट या इनडायरेक्ट चार्ज नहीं लगा सकेंगे। RuPay डेबिट कार्ड से होने वाले पेमेंट को भी इस छूट में शामिल किया गया है।

दरअसल, अगस्त में संसद से टैक्सेशन एंड अदर लॉज (अमेंडमेंट) एक्ट, 2026 पास होने के बाद UPI पेमेंट पर चार्ज को लेकर चर्चा शुरू हुई थी। आशंका थी कि ₹2,000 से ज्यादा के UPI पेमेंट पर MDR यानी मर्चेंट डिस्काउंट रेट लगाया जा सकता है। इससे बड़े पेमेंट लेने वाले दुकानदारों और कारोबारियों की लागत बढ़ने की बात कही जा रही थी। इसका सीधा असर ग्राहकों पर पड़ने की आशंका थी।

सरकार ने छोटे दुकानदारों के लिए प्रोत्साहन योजना शुरू की थी

सरकार ने UPI को प्रमोट करने और फ्री रखने के लिए 2021-22 से प्रोत्साहन योजना शुरू की थी। इसके तहत ग्राहक से छोटे दुकानदार को होने वाले ₹2,000 तक के UPI पेमेंट पर 0.15% इंसेंटिव दिया जाता था। 2024-25 तक इस पर ₹8,276 करोड़ का इंसेंटिव दिया गया। देश में जून 2026 तक करीब 55.5 करोड़ UPI यूजर्स थे।

हालांकि, ₹2,000 कोई नई पेमेंट लिमिट नहीं है। UPI से इससे ज्यादा रकम भेजी जा सकती है। यह सिर्फ फीस से जुड़ी सीमा है। यानी ₹2,000 तक के UPI पेमेंट पर बैंक या पेमेंट सिस्टम प्रोवाइडर कोई डायरेक्ट या इनडायरेक्ट चार्ज नहीं लगा सकते। अगर लगाना है तो सरकार को नियम बनाने होंगे।

2000 से ज्‍यादा UPI पेमेंट करने पर फीस लगेगी?

जवाब है- अभी नहीं। ₹2,000 से ज्यादा के पेमेंट पर कोई नई फीस लागू नहीं हुई है। सिर्फ ₹2,000 से ज्यादा का पेमेंट करने पर अपने आप कोई चार्ज नहीं कटेगा। भविष्य में फीस लगानी है या नहीं, इसकी सीमा और दर सरकार के आगे के नियमों से तय होगी।

इसकी बड़ी वजह बड़े कारोबारी पेमेंट हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में दुकानदारों को ₹198 लाख करोड़ यूपीआई से पेमेंट हुए। इनमें ₹2,000 से ज्यादा के ट्रांजैक्शन सिर्फ 4% हुए, लेकिन इनकी कुल वैल्यू ₹131 लाख करोड़ थी। जो कुल पेमेंट का 66% है। इसीलिए इन पेमेंट पर संभावित शुल्क को लेकर चर्चा है। अगर भविष्य में MDR लगाया जाता है, तो संख्या में कम होने के बावजूद बड़े अमाउंट के पेमेंट पर दुकानदारों की लागत बढ़ सकती है।

MDR (Merchant Discount Rate) क्‍या है?

दुकानदार से डिजिटल पेमेंट लेने के बदले ली जाने वाली फीस है।

इस उदाहरण से समझिए

ग्राहक ने दुकान पर ₹5,000 UPI से पेमेंट किया

दुकानदार को ₹5,000 का पेमेंट मिला

अगर MDR 0.4% होता

₹5,000 का 0.4% = ₹20

बैंक या पेमेंट सिस्टम दुकानदार से ₹20 MDR फीस लेगा।

जरूरी फैक्‍ट

MDR ग्राहक की फीस नहीं, दुकानदार से जुड़ा चार्ज है।

MDR का रेट पेमेंट की रकम का एक छोटा प्रतिशत होता है।

UPI पर अभी कोई MDR रेट तय नहीं हुआ है।

0.4% सिर्फ उदाहरण है, यह UPI का तय रेट नहीं है।

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