लखनऊ में ट्रिपल मर्डर: पति-बेटे का शव देख महिला बोली- हत्यारों का परिवार खत्म कर दो, डिप्टी सीएम ने शवों को दिया कंधा

लखनऊ में ट्रिपल मर्डर: पति-बेटे का शव देख महिला बोली- हत्यारों का परिवार खत्म कर दो, डिप्टी सीएम ने शवों को दिया कंधा

Lucknow News: उत्‍तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में दिनदहाड़े तिहरे हत्‍याकांड के मृतकों के शवों को उप मुख्‍यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कंधा दिया। उन्होंने ऐलान किया कि मां को सरकारी नौकरी दी जाएगी। बच्ची की पढ़ाई फ्री होगी। परिवार को सुरक्षा मिलेगी। आरोपियों पर NSA के तहत कार्रवाई होगी। इस आश्वासन के बाद परिजनों ने तीनों शवों को उठने दिया। 5 घंटे बाद तीनों की अर्थियां उठीं। RSS के जिला सर कार्यवाह रहे शिवाजी तिवारी, उनके भाई शंभु तिवारी और बेटे सुयश तिवारी की चिताओं को मुखाग्नि दे दी गई है। शिवाजी तिवारी के बुआ के बेटे मनोज ने सारे अंतिम संस्कार किए।

पिता, बेटे और छोटे भाई की लाशें पोस्टमॉर्टम के बाद घर पहुंचीं तो शव देखकर मां-बहन चीख-चीखकर रोने लगीं। मां ने रोते हुए कहा था- हत्यारे ने हमारा परिवार उजाड़ दिया। उसे फांसी होनी चाहिए। घर को बुलडोजर से गिरा देना चाहिए। उसका परिवार भी खत्म कर दो।

डिप्‍टी सीएम के सामने नारेबाजी

दोपहर करीब 3 बजे डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, मेयर सुषमा खर्कवाल और भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष नीरज सिंह मृतकों के घर पहुंचे। इस दौरान लोगों ने उनके सामने जमकर नारेबाजी की। ‘बुलडोजर शासन सो गया’ जैसे नारे लगाते रहे और डिप्टी सीएम चुपचाप हाथ जोड़ते हुए मृतकों के घर गए। वहां पर नगर निगम और जिला प्रशासन के अधिकारी पहले से मौजूद थे। मामले में पुलिस ने एक्शन लेते हुए इंस्पेक्टर और चौकी प्रभारी सस्पेंड कर दिया था।

कार पार्किंग और चबूतरे के विवाद में हुई हत्या

सआदतगंज के ब्राह्मण टोला में सोमवार सुबह कार पार्किंग और चबूतरे को लेकर ऋषभ शुक्ला (30) ने 3 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। मृतक शिवाजी तिवारी (62) सचिवालय के रिटायर्ड कर्मचारी थे। संघ के जिला सर कार्यवाह भी रह चुके हैं।

शिवाजी के भाई शिवेंद्र तिवारी उर्फ शंभु लखनऊ यूनिवर्सिटी में काम करते थे। शिवाजी का बेटा सुयश (30) का बिजली के सामान का कारोबार था। 5 दिसंबर को उसकी शादी होनी थी। आरोपी ऋषभ मर्चेंट नेवी में नेविगेशन अफसर था।

RSS के प्रांत प्रचारक कौशल भी घाट पर पहुंचे

मृतक शिवाजी तिवारी RSS के जिला सर कार्यवाह भी रहे थे। उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए RSS के पदाधिकारी लगातार पहुंच रहे हैं। गुलाला घाट पर RSS के प्रांत प्रचारक कौशल भी पहुंचे।

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