Lucknow News: राजधानी की सैरपुर पुलिस ने बौरूमऊ गांव में फर्जी वसीयत के जरिए करीब 0.8790 हेक्टेयर (3 बीघा 8 बिस्वा से अधिक) जमीन हड़पने के मामले में मुख्य आरोपी पुष्पा देवी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी महिला पर अनुसूचित जाति के मृतक किसान साधू की फर्जी भांजी बनकर धोखाधड़ी करने का आरोप है।
क्या है पूरा मामला?
इटौंजा के सहादत नगर निवासी शिकायतकर्ता पुत्ती लाल (पुत्तूलाल) के मुताबिक, उनके नाना स्व. साधू की वर्ष 1977 में मृत्यु के बाद एक खाते की जमीन तो उनकी पुत्रियों के नाम दर्ज हो गई थी, लेकिन दूसरे खाते की जमीन छूट गई थी। आरोप है कि वर्ष 1981 में पुष्पा देवी ने अपने पति किशोरी लाल द्विवेदी और दो गवाहों (लोचन लाल व कुंज बिहारी) के साथ मिलकर स्व. साधू के नाम की कूटरचित (फर्जी) वसीयत तैयार कराई और जमीन अपने नाम दर्ज करा ली।
कोर्ट के आदेश और पुलिस कार्रवाई
मामले की जानकारी होने पर पुत्ती लाल ने सह-खातेदार सतीश के साथ चकबंदी न्यायालय में अपील की। बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी (23 दिसंबर 2024) और उप संचालक चकबंदी (4 फरवरी 2026) ने पुष्पा देवी का नाम निरस्त कर पीड़ित पक्ष के नाम जमीन दर्ज करने के आदेश दिए।
इसके बाद पीड़ित की शिकायत पर थाना सैरपुर में 3 सितंबर 2026 को FIR दर्ज की गई थी। एफआईआर दर्ज होने के लगभग एक महीने बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी महिला पुष्पा देवी को गिरफ्तार कर लिया है। FIR में BNS की धाराएं 318(4), 338, 336(3), 340(2), 61(2) और 351(3) दर्ज की गई हैं।
