राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में तुरंत सुनवाई नहीं करेगा सुप्रीम कोर्ट, किया इनकार

राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में तुरंत सुनवाई नहीं करेगा सुप्रीम कोर्ट, किया इनकार

Ram Mandir News: अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एडवोकेट अनूप अवस्थी ने सुप्रीम कोर्ट से सीबीआई जांच की मांग की। अदालत ने मामले की तुरंत सुनवाई से इनकार करते हुए पूछा कि आखिर इसमें इतनी जल्दी किस बात की है? कोर्ट की छुट्टियां खत्म होने के बाद ही मामला सुना जाएगा।

इधर, पुलिस सोमवार सुबह साढ़े 10 बजे जेल में बंद 8 आरोपियों के खाते खंगालने के लिए बैंक पहुंची। अयोध्या के SBI समेत अन्य बैंक शाखाओं में खातों की जांच की। करीब आधे घंटे तक खाते खंगालने के बाद पुलिस टीम वापस चली गई। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस राम मंदिर ट्रस्ट के लॉकर की भी जांच कर सकती है।

आज आरोपियों की कोर्ट में पेशी

आज सभी 8 आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा। पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हो सकती है। इस दौरान पुलिस आरोपियों की रिमांड मांग सकती है, ताकि पूछताछ कर यह पता लगाया जा सके कि आरोपी किस तरह और कब से चोरी को अंजाम दे रहे थे।

रविवार सुबह पुलिस की 8 टीमों ने आरोपियों के घर पर एकसाथ छापेमारी की थी। चंपत राय के करीबी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के घर से निवेश-खरीद से जुड़े कागजात, आभूषण और नकदी मिली। आरोपी अनुकल्प मिश्रा के घर से एक डायरी मिली। पुलिस का मानना है कि डायरी से चढ़ावा चोरी मामले से जुड़े सुराग मिल सकते हैं।

SIT ने 23 जून को रिपोर्ट सौंपी

चोरी का मामला पहली बार 7 जून को सामने आया। यूपी सरकार ने 13 जून को SIT बनाई। SIT ने 23 जून को एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (गृह) संजय प्रसाद को रिपोर्ट सौंपी। 25 जून को ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर FIR हुई। इसमें रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत 8 को नामजद किया गया। हालांकि, चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा समेत बड़े पदाधिकारियों के नाम नहीं हैं।

एफआईआर दर्ज होने के कुछ घंटे बाद ही पुलिस ने टिन्नू समेत 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। 26 जून को सीजेएम कोर्ट ने सभी आरोपियों को 3 दिन के लिए जेल भेज दिया। इसी दिन मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया। अगले दिन ट्रस्ट ने कहा- 11 जुलाई को होने वाली बैठक में इस पर फैसला लिया जाएगा।

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