संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित

संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित

नई दिल्‍ली: लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही गुरुवार (13 अगस्‍त) को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। इसके साथ ही संसद का मानसून सत्र खत्म हो गया। पूरे सत्र के दौरान बार-बार हंगामा हुआ। विपक्ष और सरकार के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली। विरोध प्रदर्शनों के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही कई बार रोकनी पड़ी।

नीट से जुड़ी कथित गड़बड़ियों, दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस की कार्रवाई और राम मंदिर चढ़ावे समेत कई मुद्दों को लेकर हंगामा हुआ। सत्र के ज्यादातर समय सरकार और विपक्ष के बीच टकराव बना रहा। कई विधेयक बिना चर्चा के पारित हुए।

हल्द्वानी में खरगे की रैली के बाद ‘शुद्धिकरण’ पर हंगामा

राज्यसभा में विपक्ष के नेता (एलओपी) मल्लिकार्जुन खरगे ने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कथित ‘शुद्धिकरण’ की घटना का मुद्दा उठाया। यह घटना 8 अगस्त 2026 को कांग्रेस अध्यक्ष की वहां हुई रैली के बाद हुई थी। खरगे ने कहा, इस छुआछूत के कृत्य के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए। मेरी यही मांग है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस घटना में भाजपा की भूमिका थी।

इस पर सदन के नेता जेपी नड्डा ने कहा कि भाजपा ऐसी गतिविधियों का समर्थन नहीं करती। उन्होंने घटना की निंदा की। नड्डा ने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन इस मामले को गंभीरता से लेंगे। उन्होंने कहा, जांच में जो लोग जिम्मेदार पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने कांग्रेस से इस मुद्दे का ‘राजनीतिकरण’ न करने को कहा।

मामले के दोषियों को सजा दी जाए

सभापति राधाकृष्णन ने कहा, ‘छुआछूत पाप है। हम पार्टी या विचारधारा से अलग हटकर इसकी निंदा करते हैं। हम सभी शुद्ध हैं और हमें शुद्ध करने की कोई जरूरत नहीं है।’ उन्होंने कहा, मैं सरकार से अनुरोध करता हूं कि इस मामले की जांच कराई जाए और जो लोग जिम्मेदार हैं, उन्हें सजा दी जाए। इसमें कोई दो राय नहीं हो सकती।

लोकसभा की कार्यवाही वंदे मातरम के गायन के साथ शुरू हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और अन्य सांसद सदन में मौजूद रहे। हंगामे के बीच लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल तक स्थगित कर दी गई है।

लोकसभा की कार्यवाही स्थगित होने के बाद चाय पर मिले विभिन्न दलों के नेता

लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होने के बाद अलग-अलग राजनीतिक दलों के सदन के नेताओं ने मुलाकात की। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के कक्ष में चाय पर यह मुलाकात हुई। यह अनौपचारिक बैठक सदन की कार्यवाही खत्म होने के कुछ देर बाद हुई।

राज्यसभा में खनिज और खनन संशोधन विधेयक, 2026 पारित

राज्यसभा में चर्चा के बाद खनिज और खनन (विकास और नियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को पारित कर दिया गया है।

राज्यसभा के सभापति राधाकृष्णन ने सत्र के समापन पर दिया बयान

राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने सत्र के समापन पर अपना बयान दिया। उन्होंने सदन की कार्यवाही में लगातार अव्यवस्था और बार-बार हुए हंगामे पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि उच्च सदन यानी राज्यसभा कुल 37 घंटे 49 मिनट चला। इसके बावजूद सदन ने अपना मुख्य विधायी काम पूरा किया। इस दौरान 12 विधेयकों पर विचार किया गया और उन्हें पारित किया गया या वापस भेजा गया।

उन्होंने कहा, सदन में अपनी बात रखने का मौका था। लेकिन हम जिन लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं, उनकी चिंताओं को उठाने के इस मौके का पूरी तरह इस्तेमाल नहीं कर पाए। बार-बार होने वाला हंगामा लोगों के भरोसे को प्रभावित करता है। इसलिए हमें संसदीय आचरण को बनाए रखना चाहिए।

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