Indo-Russia: रूस भारत को भेजेगा एस-400 मिसाइल की और खेप, दोनों देशों की दोस्ती हुई और गहरी

Indo-Russia: रूस भारत को भेजेगा एस-400 मिसाइल की और खेप, दोनों देशों की दोस्ती हुई और गहरी

Indo-Russia Relation: एससीओ शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी और व्लादिमिर पुतिन की द्विपक्षीय वार्ता ने दोनों देशों के रिश्तों को और भी गहरा करना शुरू कर दिया है। रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने पीएम मोदी को मुलाकात का पहला तोहफा देने का ऐलान किया है। रूसी समाचार एजेंसी TASS के अनुसार रूस जल्द ही भारत को एस-400 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम की अतिरिक्त खेप भेजेगा।

भारत–रूस में चल रही बात

TASS के अनुसार भारत और रूस के बीच एस-400 सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणालियों की अतिरिक्त आपूर्ति को लेकर बातचीत चल रही है। रूस के फेडरल सर्विस फॉर मिलिट्री-टेक्निकल कोऑपरेशन के प्रमुख दिमित्री शुगायेव ने कहा कि भारत पहले से ही S-400 प्रणाली का संचालन कर रहा है और नई डिलिवरी को लेकर चर्चा जारी है।

रूस अब भी भारत का सबसे बड़ा रक्षा आपूर्तिकर्ता

फ्रांस और इज़रायल से बढ़ती रक्षा खरीद के बावजूद, रूस अब भी भारत का शीर्ष रक्षा आपूर्तिकर्ता बना हुआ है। स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) के अनुसार 2020 से 2024 के बीच भारत के कुल हथियार आयात में से 36% रूस से आए थे।

भारत–रूस के रक्षा सहयोग की लंबी सूची

भारत और रूस ने दशकों से विभिन्न रक्षा परियोजनाओं में सहयोग किया है, जिनमें T-90 टैंकों और Su-30 MKI लड़ाकू विमानों का भारत में लाइसेंस उत्पादन, MiG-29 और कामोव हेलीकॉप्टरों की आपूर्ति, INS विक्रमादित्य (पूर्व में एडमिरल गोर्शकोव) विमानवाहक पोत, भारत में AK-203 राइफलों का निर्माण और ब्रह्मोस मिसाइल कार्यक्रम शामिल है।

ऑपरेशन सिंदूर में S-400 की बड़ी भूमिका

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के खिलाफ भारत की जवाबी कार्रवाई में रूसी S-400 प्रणाली ने कई दुश्मन मिसाइलों को सफलतापूर्वक नष्ट किया, जिससे इसकी क्षमता सिद्ध हुई। भारत-रूस ने रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने का संकल्प लिया। इस सप्ताह की शुरुआत में, भारत और रूस ने रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने का संकल्प लिया, खासकर ऐसे समय में जब भारत और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ रहा है।

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