UP News: समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान और बेटे अब्दुल्ला आजम के रामपुर जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है। दोनों आज शाम तक जेल से बाहर आ सकते हैं। आजम के करीबी यूसुफ मलिक ने बताया कि दोनों की रिहाई के आदेश जेल पहुंच गए हैं। कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
इससे पहले बताया जा रहा था कि आजम की रिहाई की रास्ते में 2 रोड़े थे। पहला– ईडी की तरफ से रामपुर में दर्ज किया गया मनी लॉन्ड्रिंग का मामला। दूसरा– 10 सितंबर को यूपी विजिलेंस की तरफ से लखनऊ में दर्ज कराया केस। अगर इन मामलों में पुलिस वारंट-‘बी’ ले लेती हैं, तो आजम जेल से बाहर नहीं आ पाएंगे। कोई आरोपी, जो जेल में बंद हो और किसी दूसरे मामले में भी वांछित हो, तो उसे उस मामले में कोर्ट के सामने पेश करने के लिए वारंट- बी तामील कराया जाता है।
आजम के घर के बाहर समर्थकों की भीड़
अब सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि पुलिस की ओर से अब तक वारंट ‘बी’ तामील नहीं कराया गया है। ऐसे में आजम का जेल से बाहर आना तय माना जा रहा है। इस बात की खबर लगते ही आजम के घर पर समर्थकों का भीड़ जुटने लगी है। उनका कहना है कि उनके लिए आज का दिन ईद से कम नहीं है।
29 अक्टूबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2 पैन कार्ड मामले में आजम और अब्दुल्ला की 10 साल की सजा सस्पेंड कर दिया था। दोनों को जमानत दे दी थी। हालांकि, कोर्ट ने दोषसिद्धि पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था।
आजम के खिलाफ पेंडिंग इन 2 मामलों से फंस सकता है पेंच
पहला मामला– ईडी ने 14 अक्टूबर को जौहर ट्रस्ट और मो. अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर FIR दर्ज कराई थी। यह एफआईआर रामपुर के अजीमनगर थाने में दर्ज हुई थी। ईडी को शक है कि ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी को मिले पैसों के सोर्स और उनके इस्तेमाल में गड़बड़ी हुई है। ईडी पता लगा रही है कि ट्रस्ट को पैसा कहां से मिला? उसे किन कामों में खर्च किया गया? सरकारी ठेकेदारों से जुड़े पैसों के लेन-देन की भी जांच की जा रही है।
दूसरा मामला– यूपी राज्य हज समिति की जमीन की बिक्री में कथित गड़बड़ी से जुड़ा है। विजिलेंस की जांच में जमीन की बिक्री से समिति को 2.08 करोड़ के राजस्व का नुकसान की पुष्टि हुई थी। मामले में आजम समेत 5 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इनमें तत्कालीन सचिव एखलाक अहमद, डॉ. एमएए खान, आमिश डेवलपर्स के प्रोपराइटर मोहम्मद अय्यूब और मुस्तकीम अहमद शामिल हैं। केस 10 सितंबर, 2026 को यूपी विजलेंस के लखनऊ सेक्टर में दर्ज किया गया था।
मजिस्ट्रेट कोर्ट से 52 मामलों के रिहाई आदेश जेल पहुंचने बाकी थे
आजम पर कुल 105 मामले दर्ज हैं। रामपुर में दर्ज मामलों की संख्या 94 है। इसमें राजस्व से जुड़े हुए 11 मामले हैं। मजिस्ट्रेट कोर्ट में 52 और सेशन कोर्ट में 19 मामले पेंडिंग हैं। 19 मामलों में फैसला आ चुका है।
सेशन कोर्ट से आजम से जुड़े 19 मामलों में से 5 के रिहाई आदेश रामपुर जेल पहुंच चुके हैं। बाकी 14 मामलों में सजा पूरी हो चुकी है। वहीं, मजिस्ट्रेट कोर्ट के जो 52 मामले हैं, उनका आदेश जेल पहुंचना बाकी था। ये आदेश शनिवार दोपहर जेल पहुंच गए।
आजम के करीबी बोले– बहुत जल्द वो जेल से बाहर आएंगे
आजम के बेहद करीबी और पूर्व जिला पंचायत सदस्य मंसूर चौधरी सुबह 9 बजे सपा नेता के घर पहुंचे। कहा कि आज हमारे लिए ईद का दिन है। बहुत जल्द वो जेल से बाहर आएंगे। पूरे हिंदुस्तान के जो ईमानदार लोग हैं, जो आजम से मोहब्बत करते हैं। यहां धीरे-धीरे लोग आना शुरू होंगे। थोड़ी देर में यहां पैर रखने की जगह नहीं मिलेगी।
आजम के करीबी जाकिर अली ने बताया कि हम आजम साहब से मिलने आए हैं। मैं आजमवादी आदमी हूं। बाकी सब समाजवादी हैं। आजम की मोहब्बत के लिए हम सुबह ही हाजिर हो गए। हम आजम से, आजम परिवार और अब्दुल्ला आजम से प्यार करते हैं।
