Director Sanjay Gupta Passes Away: डायरेक्टर संजय गुप्ता का शनिवार सुबह निधन हो गया है। उन्होंने कांटें, काबिल, शूटआउट एट लोखंडवाला, मुंबई सागा जैसी बेहतरीन फिल्में डायरेक्ट कीं।डायरेक्टर ने 23 अक्टूबर को 57वां जन्मदिन मनाया था।
रिपोर्ट के अनुसार, संजय गुप्ता मुंबई के राम नगर इलाके में एक बंगले में रहते थे। 30-31 अक्टूबर की दरमियानी रात वह किचन में गिरे, जिससे उनके सिर पर चोट आई। हालांकि इसकी जानकारी आज सुबह मिली। संजय गुप्ता के करीबी दोस्त और फिल्ममेकर अशोक पंडित ने एक पोस्ट कर बताया है कि उनका निधन सिर में चोट लगने से ही हुआ है। जल्द ही उनके अंतिम संस्कार से जुड़ी जानकारी साझा की जाएगी।
हनीफ चूनावाला ने भी किया कंफर्म
संजय के करीबी दोस्त हनीफ चूनावाला ने एएनआई से बातचीत में कन्फर्म किया है कि संजय का निधन किचन में गिरने से लगी चोट के कारण हुआ। दोपहर को संजय गुप्ता के वर्सोवा स्थित घर पर पुलिस टीम पहुंचीं। फॉरेंसिक जांच जारी है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
एनडीटीवी की रिपोर्ट में वर्सोवा पुलिस स्टेशन की सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर दीपशिखा वारे के हवाले से बताया गया है कि शुरुआती जानकारी के आधार पर आकस्मिक मौत यानी एक्सीडेंल मौत का मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल, घटनास्थल पर कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है। परिवार को भी किसी तरह की साजिश या गलत हरकत का शक नहीं है और उन्होंने पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई है। फिल्म इंडस्ट्री से भी कई सेलेब्स उनके घर पहुंच रहे हैं। डायरेक्टर मिलाप जावेरी उनके घर के बाहर खड़े रोते नजर आए।
संजय दत्त के साथ 9 फिल्मों में किया काम
संजय गुप्ता और संजय दत्त की जोड़ी ने बॉलीवुड को कई चर्चित फिल्में दीं। दोनों ने पहली बार फिल्म ‘आतिश: फील द फायर’ (1994) में साथ काम किया था, जो बतौर निर्देशक संजय गुप्ता की पहली फिल्म भी थी। इसके बाद दोनों ने ‘खौफ’ (2000), ‘जंग’ (2000), ‘कांटे’ (2002), ‘मुसाफिर’ (2004) और ‘जिंदा’ (2006) जैसी फिल्मों में साथ काम किया। इनमें ‘कांटे’ सबसे ज्यादा चर्चित रही। इसके अलावा संजय गुप्ता ने संजय दत्त के साथ ‘प्लान’ (2004), ‘शूटआउट एट लोखंडवाला’ (2007) और ‘दस कहानियां’ (2007) जैसी फिल्मों में निर्माता और लेखक के तौर पर भी काम किया।
