NCERT: एनसीईआरटी ने हाल ही में कक्षा 8 की ‘Exploring Society: India and Beyond’ नामक सामाजिक विज्ञान की नई पुस्तक को वापस लेने और विवादित अध्याय पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने का निर्णय लिया है। यह फैसला एक विवाद के बाद लिया गया जिसमें पुस्तक के अध्याय ‘The Role of Judiciary in Our Society’ (हमारे समाज में न्यायपालिका की भूमिका) को लेकर गंभीर प्रतिक्रिया सामने आई थी। पुस्तक में शामिल चैप्टर IV में न्यायपालिका के समक्ष चुनौतियों जैसे भ्रष्टाचार, मामलों का भारी बैकलॉग, जजों की कमी और अन्य संवेदनशील मुद्दों का हवाला दिया गया था। न्यायपालिका पर इस तरह के विवरण ने कोर्ट की गरिमा से जुड़ी बहस को जन्म दिया और विवाद बढ़ गया। एनसीईआरटी ने प्रेस रिलीज में कहा है कि इस अध्याय में ‘अनुचित टेक्स्चुअल कंटेंट और अनुमोदन में त्रुटि’ शामिल हो गई थी, जो गलती से किताब में शामिल हो गया। परिषद ने कहा कि किसी भी संवैधानिक संस्थान की प्रतिष्ठा को घटाने का उनका कोई इरादा नहीं था और उन्होंने ईमानदारी से इस गलती के लिए माफी भी मांगी है।
NCERT tweets, "The National Council of Educational Research and Training [NCERT] has recently published a social science textbook, “Exploring Society: India and Beyond," Grade 8 (Part II), which contained Chapter IV titled “The Role of Judiciary in our Society." The Director and… pic.twitter.com/omElzTF3Ar
— ANI (@ANI) March 10, 2026
सुप्रीम कोर्ट ने लिया था स्वतः संज्ञान
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए कड़ी टिप्पणी की और कहा कि न्यायपालिका जैसी संवैधानिक संस्था की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला कोई भी कंटेंट स्वीकार्य नहीं है। कोर्ट ने किताब को वस्तुतः प्रतिबंधित कर दिया और सभी प्रतियों को वापस लेने का आदेश भी जारी किया। आगे की सुनवाई 11 मार्च को होने वाली है। एनसीईआरटी ने कहा, “हम हुई असुविधा के लिए खेद व्यक्त करते हैं और सभी हितधारकों की समझदारी की सराहना करते हैं।” यह फैसला उस समय लिया गया है जब स्कूल की किताबों और उनमें संवैधानिक संस्थाओं के चित्रण पर बढ़ती नजर रखी जा रही है। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि एनसीईआरटी की किताबें पूरे भारत में केंद्रीय और राज्य सरकार से जुड़े स्कूलों में पढ़ाई जाती हैं, इसलिए किसी भी बदलाव या अध्याय हटाने का असर छात्रों और शिक्षकों दोनों पर पड़ता है। आने वाले शैक्षणिक सत्र के लिए अद्यतन पाठ्यक्रम योजना के बारे में काउंसिल की तरफ से आगे स्पष्टीकरण आने की प्रतीक्षा है।

