UP में हाईवे पर बही गंगा, 10 नदियां उफान पर; 24 शहरों में बारिश का अलर्ट

UP में हाईवे पर बही गंगा, 10 नदियां उफान पर; 24 शहरों में बारिश का अलर्ट

UP News: उत्‍तर प्रदेश में पहाड़ों पर हो रही भारी बारिश की वजह से गंगा, घाघरा और सरयू सहित 10 नदियां उफान पर हैं। लखीमपुर खीरी में गुरुवार शाम शारदा नदी में नाव पलट गई। नाव सवार नौ लोग बह गए, जिनमें से सात को बचा लिया गया, जबकि दो की तलाश जारी है।

वहीं, बिजनौर में गंगा नदी का पानी बहसूमा-ठाकुरद्वारा स्टेट हाईवे के ऊपर से बह रहा है। पानी के बीच से गाड़ियां निकल रही हैं। रायपुर खादर और मीरापुर सीकरी गांव में सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई है। प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।

आज 24 शहरों में बारिश का अलर्ट

बारिश की वजह से सहारनपुर में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे की एप्रोच और सर्विस रोड धंसने लगी है। बजरी उखड़कर सड़क पर फैल गई है। कई जगह जलभराव भी हो रहा है। शुक्रवार सुबह से लखनऊ-गोरखपुर समेत 35 शहरों में बादल छाए हैं। मौसम विभाग ने आज 24 शहरों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। ललितपुर, मिर्जापुर और सोनभद्र में भारी बारिश हो सकती है।

मौसम विभाग के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में बना दबाव अब ओडिशा-छत्तीसगढ़ की तरफ बढ़ गया है, जिस वजह से यूपी में मानसूनी गतिविधियों पर ब्रेक लग गया है और सैटेलाइट इमेज में यूपी के करीब 90% हिस्से से मानसूनी बादल गायब दिख रहे हैं।

जल्‍द कमजोर पड़ जाएगा मानसूनी सिस्‍टम

लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि मध्य भारत में बना मानसूनी सिस्टम जल्द ही कमजोर पड़ जाएगा। इसके बाद मानसूनी रेखा तेजी से उत्तर प्रदेश की तरफ खिसकेगी। साथ ही बंगाल की खाड़ी से आने वाली मानसूनी हवाएं फिर से मजबूत होंगी। इसके असर से 3-4 अगस्त से एक बार फिर मानसून जोर पकड़ेगा। तेज बारिश का दौर शुरू होगा।

इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

ललितपुर, मिर्जापुर, सोनभद्र।

हल्की बारिश

सहारनपुर, झांसी, महोबा, हमीरपुर, बांदा, चित्रकूट, फतेहपुर, कौशांबी, प्रतापगढ़, प्रयागराज, जौनपुर, गाजीपुर, चंदौली, मथुरा, हाथरस, एटा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, जालौन, वाराणसी।

यूपी में मानसून में कम बारिश के आसार

मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक डॉ. एम महापात्रा ने बताया कि इस साल प्रशांत महासागर में ला नीना जैसी स्थितियां खत्म होकर अल नीनो की ओर बढ़ने के संकेत हैं, जो कम वर्षा का कारण बनेगी। यानी इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून के सामान्य से कमजोर रहने के संकेत हैं। साथ ही इस साल जनवरी-मार्च में उत्तरी गोलार्ध में बनी कम बर्फ भी मानसून को प्रभावित कर सकती है।

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