जंतर-मंतर पर घायल पुलिसकर्मियों के परिजन आए सामने, कहा- प्रोटेस्ट में स्टूडेंट नहीं, गुंडे थे

जंतर-मंतर पर घायल पुलिसकर्मियों के परिजन आए सामने, कहा- प्रोटेस्ट में स्टूडेंट नहीं, गुंडे थे

Delhi Jantar Mantar Protest: नीट पेपर लीक को लेकर दिल्‍ली के जंतर-मंतर पर छात्रों ने प्रदर्शन किया। अब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन में घायल दिल्ली पुलिस और सुरक्षा बलों के परिजन ने शुक्रवार (31 जुलाई) को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि 20 तारीख के बाद यही नेरेटिव चलाया जा रहा है कि छात्रों को पुलिस ने पीटा, लेकिन प्रोटेस्ट का सच कुछ और ही है।

एक पुलिस जवान की बेटी गुंजन ने कहा, ‘20 जुलाई को मेरे पिता के साथी उन्हें रात 10 बजे घर लेकर आए। उनकी वर्दी खून से लथपथ थी, फिर भी सोशल मीडिया पर उन्हें ही क्रिमिनल बताया गया।’

दूसरी तरफ, एक ASI की पत्नी सीमा ने कहा, ‘भीड़ में शरारती तत्वों ने पत्थर-हथियारों से पुलिस पर हमला किया। घायल ASI के बेटे लक्ष्य सिंह बिष्ट ने कहा, ‘मेरे पिता के सिर में गंभीर चोटें आईं।’ कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन और संसद मार्च के दौरान 148 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। इनमें कई को गंभीर चोटें आईं थीं।

सब इंस्पेक्टर की बेटी बोली– मेरे पिता को हिंसक भीड़ ने पीटा

बेटी गुंजन ने कहा- मेरे पिता जंतर-मंतर पर बैरिकेड के पास तैनात थे। वे अक्सर कहते थे कि यह अब सिर्फ छात्रों का प्रदर्शन नहीं रहा, इसमें असामाजिक तत्व भी शामिल हो गए हैं। हिंसक भीड़ ने उन्हें घसीटा और जंतर-मंतर मंच के पास पीट-पीटकर मारने की कोशिश की।

वे करीब चार घंटे तक RML अस्पताल में बेहोश रहे। इसके बाद भी वे पुलिस को कटघरे में खड़ा करने के लिए सुप्रीम कोर्ट गए, इसलिए हमें भी अपना पक्ष रखने कोर्ट जाना पड़ा।

घायल ASI की पत्नी सीमा- पुलिसकर्मियों के अधिकारों पर भी बात हो

20 जुलाई की शाम पति को फोन किया, तो पता चला कि वे अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। भीड़ में मौजूद शरारती तत्वों ने पत्थरों और हथियारों से पुलिसकर्मियों पर हमला किया था।

घायल ASI के बेटे लक्ष्य सिंह बिष्ट- पिता का सिर मुंडा देख डर गया था

मेरे पिता ASI हैं। उन्हें बहादुरी के लिए 4 सम्मान मिल चुके हैं। मेरे दादाजी भी BSF में थे। 1971 की जंग लड़ चुके हैं। जंतर-मंतर प्रदर्शन में पिता फ्रंटलाइन पर तैनात थे। उनके साथी से पता चला कि उनके सिर में गंभीर चोट लगी है। जब उनकी तस्वीर देखी तो सिर मुंडा हुआ था और चार टांके लगे थे। मैं डर गया था। पिता ने बताया कि प्रदर्शन में सिर्फ छात्र नहीं थे, बल्कि हिंसक और उपद्रवी लोग भी शामिल थे। वरिष्ठ अधिकारियों को सुरक्षित निकालते समय उनके सिर पर पत्थर लगा, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।

टाइमलाइन NEET पेपर लीक विवाद

  • 03 मई: देशभर में NEET-UG 2026 परीक्षा हुई। करीब 20 लाख स्टूडेंट्स शामिल हुए।
  • 12 मई: पेपर लीक के आरोपों के कारण परीक्षा रद्द कर री-एग्जाम की घोषणा की गई।
  • 15 मई: CJI जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि बेरोजगार युवा कॉकरोच की तरह हर जगह फैल जाते हैं।
  • 16 मई: अभिजीत दीपके ने कॉकरोच जनता पार्टी के नाम से सोशल मीडिया मूवमेंट शुरू किया।
  • 06 जून: कॉकरोच पार्टी ने शिक्षा मंत्री के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर पहला प्रदर्शन किया।
  • 20 जून: कॉकरोच पार्टी ने जंतर-मंतर पर दूसरा विरोध प्रदर्शन किया।
  • 28 जूनः कॉकरोच पार्टी का समर्थन कर रहे सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक अनशन पर बैठ गए।
  • 20 जुलाई: संसद के मानसून सत्र के पहले दिन CJP ने ‘चलो संसद’ मार्च निकाला। हजारों लोगों पर पुलिस ने लाठीचार्ज और टियर गैस का इस्तेमाल किया।
  • 21 जुलाई: राहुल, प्रियंका और अखिलेश यादव ने पीएम आवास के बाहर प्रदर्शन किया, इन्हें हिरासत में लिया गया।
  • 21 जुलाई: संसद के मानसून सत्र में विपक्ष ने NEET, लाठीचार्ज और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे का मुद्दा उठाया, दोनों सदनों में हंगामा हुआ।
  • 22 जुलाई: विपक्ष ने संसद में लगातार तीसरे दिन प्रदर्शन जारी रखा और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई।
  • 23 जुलाईः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का ऐलान किया। विपक्ष शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़ा रहा।
  • 24 जुलाई: पेपर लीक पर प्रदर्शन के बीच NTA ने 47 अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया। इनके खिलाफ केस भी दर्ज होगा।
  • 25 जुलाई: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया।

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