Parliament Monsoon Session 2026: संसद के मानसून सत्र में शुक्रवार को विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में राम मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर प्रदर्शन किया। सांसद पप्पू यादव पुजारी के वेश में दानपेटी लेकर पहुंचे। वहीं, राहुल गांधी सहित विपक्षी सांसदों ने दानपेटी में चंदा डाला। साथ ही विपक्षी सांसद बैनर लेकर पहुंचे जिसमें ‘अमित शाह संसद से गायब क्यों’ लिखा हुआ था।
#WATCH | Delhi | Monsoon Session of the Parliament | Opposition MPs stage a protest over the issue of alleged Ayodhya Ram Mandir donations embezzlement pic.twitter.com/W3netnDNPI
— ANI (@ANI) July 31, 2026
इधर, लोकसभा की कार्यवाही 11 बजे शुरू हुई, लेकिन विपक्ष के हंगामे के कारण 12 बजे तक स्थगित कर दी गई। 12 बजे कार्यवाही दोबारा शुरू हुई। केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने जन्म-मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) बिल, 2026 को पास कराने का प्रस्ताव रखा। बिल ध्वनि मत से पास हुआ। लोकसभा और राज्यसभा तीन अगस्त तक के लिए स्थगित कर दी गई है।
रिजिजू बोले– सदन में बिल पर चर्चा करें, हंगामा नहीं
किरेन रिजिजू ने कहा कि हम चाहते हैं कि भविष्य में ऐसा न हो। आप चर्चा में शामिल नहीं होते और बाहर जाकर कहते हैं कि सरकार चर्चा नहीं कराती। अगला बिल लेकर आएंगे और आप हंगामा करेंगे तो अच्छा नहीं होगा। चर्चा करें, हंगामा ना करें।
मानसून सत्र में सरकार के कुल 8 बड़े बिल
वंदे मातरम और पेपर लीक बिल दोनों सदनों में पास
- प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट्स टू नेशनल ऑनर (संशोधन) बिल
लोकसभा और राज्यसभा से पास।
वंदे मातरम के अपमान या गायन में बाधा डालना अपराध होगा।
3 साल तक जेल, जुर्माना या दोनों।
- पब्लिक एग्जामिनेशन (अनफेयर मीन्स की रोकथाम) संशोधन बिल
लोकसभा और राज्यसभा से पास।
जांच 2 महीने में पूरी होगी, दोषियों को 10 साल तक जेल।
संगठित अपराध में कम से कम 7 साल जेल, ₹10 करोड़ तक जुर्माना।
बाकी 6 बिल
- जन्म-मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) बिल
लोकसभा में पास
2 साल से ज्यादा देरी पर सिर्फ प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट के आदेश से पंजीकरण।
1-2 साल की देरी पर DM/SDM की मंजूरी।
- सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या)
संशोधन बिल, 2026
लोकसभा में पेश
जजों की संख्या 33 से बढ़कर 37 होगी।
- आयकर (संशोधन) बिल, 2026
पेश होना बाकी
विदेशी निवेशकों को G-Secs में निवेश के लिए प्रोत्साहन ।
सरकारी बॉन्ड बाजार को मजबूती मिलेगी।
- MSME विकास (संशोधन) बिल, 2026
राज्यसभा में पेश किया जाएगा
MSME भुगतान विवादों का तेजी से निपटारा।
- विदेशी अंशदान (FCRA) संशोधन बिल, 2026
पेंडिंग
विदेशी चंदे पर सख्त निगरानी।
रजिस्ट्रेशन रद्द होने पर संपत्तियों पर सरकारी नियंत्रण।
अलग रेगुलेटरी अथॉरिटी बनेगी।
- विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान बिल, 2025
पेंडिंग
UGC, AICTE और NCTE की जगह एक रेगुलेटर।
