Iran की वार्निंग- अमेरिका नहीं, हम तय करेंगे कि यह जंग कब खत्म होगी

Iran की वार्निंग- अमेरिका नहीं, हम तय करेंगे कि यह जंग कब खत्म होगी

Iran US Conflict: ईरान ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान को सिरे से खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान के खिलाफ युद्ध जल्द ही खत्म हो जाएगा और यह एक ‘छोटी अवधि का अभियान’ है। ईरान की इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी कि IRGC ने साफ कहा है कि युद्ध कब और कैसे खत्म होगा, यह फैसला सिर्फ ईरान करेगा, अमेरिका नहीं। IRGC ने एक बयान जारी करते हुए कहा, ‘हम तय करेंगे कि यह जंग कब खत्म होगी। क्षेत्र का भविष्य और समीकरण अब हमारी सशस्त्र सेनाओं के हाथ में हैं। अमेरिकी सेनाएं युद्ध खत्म नहीं करेंगी।’

अमेरिका को शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा

IRGC के प्रवक्ता ने ट्रंप पर ‘चालाकी और धोखे’ का आरोप लगाया और कहा कि अमेरिका जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है, क्योंकि उसे ‘शर्मनाक हार’ का सामना करना पड़ा है। ईरान ने अमेरिकी जहाजों और लड़ाकू विमानों पर तंज कसा कि वे ईरानी हमलों से बचने के लिए क्षेत्र से 1000 किलोमीटर से ज्यादा दूर भाग गए हैं। IRGC ने दावा किया कि अमेरिकी नौसेना के ‘कायर और डरपोक सैनिक’ USS अब्राहम लिंकन पर मिसाइल दागे जाने के बाद और दूर चले गए। ईरान ने यह भी कहा कि उसके पास मिसाइलों का स्टॉक कम नहीं हुआ है, बल्कि अब उसके हथियार पहले से ज्यादा ताकतवर हैं।

‘…तो हम ईरान को 20 गुना ज्यादा जोर से मारेंगे

IRGC ने कहा कि उसके कुछ वारहेड्स का वजन एक टन से ज्यादा है। उसने चेतावनी दी है कि वह दुश्मन देशों को क्षेत्र से ‘एक लीटर तेल भी निर्यात’ नहीं होने देगा, जब तक स्थिति सामान्य नहीं हो जाती। बता दें कि यह सीधे-सीधे ट्रंप की हालिया धमकी का जवाब है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर ईरान होर्मुज स्ट्रेट में तेल की आवाजाही रोकता है, तो अमेरिका ने ईरान को ‘अभी तक जितना मारा है, उससे 20 गुना ज्यादा जोर से मारेगा’। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था कि अमेरिका ‘आसानी से नष्ट हो सकने वाले लक्ष्यों’ पर हमला करेगा, ताकि ईरान कभी राष्ट्र के रूप में फिर से न बन सके।

होर्मुज स्ट्रेट से गुजरता है दुनिया का 20 फीसदी कच्चा तेल

ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट को चीन और अन्य तेल-निर्भर देशों के लिए ‘अमेरिका की तरफ से उपहार’ बताया। दरअसल,  दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत कच्चा तेल इसी स्ट्रेट से गुजरता है। बता दें कि यह तनाव ऐसे समय में बढ़ा है, जब आयतुल्लाह मुज्तबा खामेनेई को अपने दिवंगत पिता आयतुल्लाह अली खामेनेई की जगह ईरान का नया सर्वोच्च नेता चुना गया है। अली खामेनेई की मौत अमेरिका-इजरायल हमलों में हुई थी। नए नेता की नियुक्ति के साथ ही तेल की कीमतें 2022 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई थीं, हालांकि ट्रंप द्वारा विभिन्न देशों पर लगाए गए प्रतिबंधों को हटा देने के बाद ये कम हो गई थीं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *