‘ईजी मनी’ के लिए इंटरनैशनल साइबर स्कैम का बन गए हिस्सा,जानें होनहार छात्र कैसे बने सिंडीकेट का हिस्सा

Kanpur News: साइबर ठगी से बचाव के लिए 'गोल्डन ऑवर्स' बेहद अहम

नई दिल्ली: साइबर स्कैम की यह खबर पढ़कर आप चौक सकते हैं। कैसे ‘ईजी मनी’ कमाने को ‘हायर स्टडी’ कर रहे होनहार छात्र इंटरनेशनल साइबर फ्रॉड का हिस्सा बन रहे हैं। जी हां, इन्वेस्टमेंट पर अच्छे रिटर्न का दावा करने वाले एक सिंडीकेट के पांच साइबर ठग पकड़े हैं, जो BBA की पढ़ाई कर रहे हैं। जबकि इनका मास्टरमाइंड रशिया में MBBS की पढ़ाई कर रहा है। ये लोग रेट पर अकाउंट उपलब्ध कराते थे। इन अकाउंट्स में स्कैम वाली रकम की हर एक ट्रांजेक्शन पर 5 से 10% कमिशन मिलता था।

जांच में खुलासा

आरोपियों में मेरठ के न्यू मोहनपुरी निवासी कार्तिक सैनी जो कि बीकॉम की पढ़ाई कर रहा है। मेरठ निवासी वरुण कुमार बीबीए की पढ़ाई कर रहा है। मुजफ्फर नगर निवासी शारिम खान जो कि पढ़ाई के साथ साथ खतौली में मेडिकल स्टोर चलाता है। मुजफ्फर नगर निवासी हुमैद खान बीबीए की पढ़ाई कर रहा है। मुजफ्फर नगर निवासी सुहैल सैफी भी बीबीए की पढ़ाई कर रहा है। इनका मास्टरमाइंड समीर रशिया में MBBS कर रहा है। पुलिस ने इनके पास से 5 मोबाइल फोन, 5 सिम, 3 चेकबुक, 2 एटीएम कार्ड बरामद किए हैं
।

ऐसे हुआ पर्दाफाश

डीसीपी राजा बांठिया के मुताबिक शास्त्री नगर निवासी एक महिला ने शिकायत दी कि उसे पार्ट टाइम जॉब को लेकर टेलीग्राम पर रिव्यू टास्क का एक लिंक मिला। वह उनकी बातों में आ गई। लिंक पर क्लिक करने पर जो निर्देश मिले। वैसा ही वह करती गई। महिला का दावा है कि उससे 11 लाख रुपए ठग लिए। पुलिस ने मामला दर्ज किया। एसीपी हेमंत मिश्रा के सुपरविजन में इंस्पेक्टर रोहित, मनीष, कॉन्स्टेबल राजेंद्र और कुलदीप तफ्तीश में जुटे।

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