UP ATS ने पाकिस्तानी गैंगस्टर्स के लिए काम करने वाले दो आतंकियों को पकड़ा, 3 लाख में हुई थी डील

UP ATS ने पाकिस्तानी गैंगस्टर्स के लिए काम करने वाले दो आतंकियों को पकड़ा, 3 लाख में हुई थी डील

Noida News: नोएडा से यूपी एटीएस (UP ATS) ने दो संदिग्ध आतंकियों को पकड़ा है। ये पाकिस्तानी गैंगस्टर्स के जरिए आईएसआई (ISI) के संपर्क में थे और सोशल मीडिया के जरिए देश में स्लीपर सेल तैयार कर रहे थे। एटीएस के मुताबिक, दोनों यूपी के एक्स मुस्लिमों को हैंड ग्रेनेड से मारने की प्लानिंग कर रहे थे। टारगेट किलिंग के लिए उन्हें 3 लाख रुपये की लालच दी गई थी।

पूछताछ में एक ने अपना तुषार चौहान उर्फ हिजबुल्लाह अली खान और दूसरे ने समीर खान बताया है। तुषार मेरठ और समीर खान दिल्ली का रहने वाला है। दोनों पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी, आबिद जट के संपर्क में थे। कट्टरपंथी पाकिस्तानी यूट्यूबर्स द्वारा सोशल मीडिया के जरिए भारतीय नौजवानों को निशाना बनाते थे।

पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद से सीधे बात करता था तुषार

पूछताछ में तुषार उर्फ हिजबुल्ला ने एटीएस को बताया कि वह सोशल मीडिया और कुछ लोगों के बहकावे में आ गया था। धीरे-धीरे उसका झुकाव इस्लाम धर्म की ओर बढ़ा और वह धार्मिक परंपराओं का पालन करने लगा। इसी दौरान इंस्टाग्राम के जरिए उसकी पहचान पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आबिद जट से हुई। बाद में इनसे उसकी वॉइस, वीडियो और पुश-टू-टॉक कॉल पर भी बातचीत होने लगी।

शहजाद भट्टी से नजदीकी बढ़ाने के लिए उसने उसके नाम से इंस्टाग्राम अकाउंट बनाया, जो ब्लॉक होने के बाद दूसरी आईडी बनाकर फिर संपर्क किया। इसी माध्यम से उसने शहजाद का मोबाइल नंबर लिया और सीधे बात करने लगा।

50 हजार नकद और ढाई लाख बाद में देने का लालच

तुषार ने बताया कि शहजाद भट्टी ने उसे कुछ लोगों के घर पर ग्रेनेड फेंकने और उन्हें जान से मारने का टास्क दिया था। इसके लिए आधुनिक हथियार उपलब्ध कराने का भरोसा भी दिया गया था। काम शुरू करने से पहले 50 हजार रुपए और काम पूरा होने के बाद ढाई लाख रुपए देने का लालच दिया गया। साथ ही यह भी कहा गया कि पासपोर्ट बनवाकर उसे दुबई के रास्ते पाकिस्तान बुलाया जाएगा।

तुषार के अनुसार, आईएसआई के एजेंटों के नाम लेकर भी उसे टारगेट दिए जाने की बात कही गई थी। उसके पास से बरामद पिस्टल और कुछ पैसे भी इसी नेटवर्क से पहुंचाए गए थे।

समीर को दीवारों पर TTH लिखने का काम सौंपा

पूछताछ में यह भी सामने आया कि समीर खान भी सोशल मीडिया के जरिए शहजाद भट्टी से जुड़ा था। उसकी बातचीत एन्क्रिप्टेड चैनल पर होती थी। शहजाद ने समीर को दीवारों पर TTH (तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान) लिखने और अपने साथ अन्य लोगों को जोड़ने का काम सौंपा था। समीर और तुषार इंस्टाग्राम के जरिए एक-दूसरे से जुड़े और बाद में दोनों ने मिलकर पाकिस्तानी गैंगस्टर्स द्वारा दिए गए टारगेट की रेकी शुरू कर दी। दोनों किसी भी घटना को अंजाम देने के लिए तैयार थे।

ATS के अनुसार, दोनों ने कुछ लोगों को जान से मारने की धमकियां भी दी थीं। कई बार इन धमकियों के दौरान कॉन्फ्रेंस कॉल में पाकिस्तानी हैंडलर्स भी शामिल रहते थे। मोबाइल फोन से मिले डिजिटल साक्ष्यों और शुरुआती पूछताछ के आधार पर यह पुष्टि हुई कि दोनों आरोपी देश विरोधी गतिविधियों में शामिल थे और पाकिस्तान से संचालित नेटवर्क के जरिए भारत में हमला करने की तैयारी कर रहे थे। इसी आधार पर एटीएस थाना लखनऊ में बीएनएस, आर्म्स एक्ट और यूएपीए की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दोनों को कोर्ट में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

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