Iran US War Update: मिडिल ईस्ट में जारी जंग खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। ईरान ने कहा कि मौजूदा हालात में होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा नहीं खोला जाएगा। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने कहा कि सीजफायर के उल्लंघन के बीच यह संभव नहीं है। गालिबाफ ने आरोप लगाया कि अमेरिकी नाकेबंदी ईरानी बंदरगाहों को निशाना बना रही है और यह वैश्विक अर्थव्यवस्था को बंधक बनाने जैसा है। उन्होंने कहा कि पूर्ण सीजफायर तभी संभव है, जब नाकेबंदी खत्म हो।
ईरान बोला– खाड़ी में अस्थिरता के लिए अमेरिका-इजराइल जिम्मेदार
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने दक्षिण कोरिया के दूत चांग ब्योंग-हा से तेहरान में मुलाकात की। उन्होंने कहा कि खाड़ी क्षेत्र और होर्मुज में अस्थिरता की वजह अमेरिका और इजराइल के हमले हैं।
अराघची ने अमेरिका और इजराइल पर वॉर क्राइम का आरोप लगाया और दूसरे देशों से इन हमलों की कड़ी निंदा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि एक तटीय देश होने के नाते ईरान ने अपनी सुरक्षा और हितों की रक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत कदम उठाए हैं, और इसके बाद होने वाले किसी भी परिणाम की जिम्मेदारी हमलावर देशों की होगी।
इस्लामाबाद में बैठक की संभावना
दूसरी तरफ अमेरिका और ईरान के बीच शुक्रवार को पाकिस्तान के इस्लामाबाद में बैठक होने की संभावना है। न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान की मध्यस्थता के बाद दोनों देश जल्द बातचीत की टेबल पर लौट सकते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी कहा है कि यह बैठक जल्द होना संभव है।
पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स
- तेल पर छूट बढ़ी: अमेरिका ने रूसी तेल की खरीद पर लगी पाबंदियों में दी गई छूट को 30 दिन के लिए बढ़ा दिया है। यह फैसला करीब 10 देशों की मांग पर लिया गया है, जो तेल की कमी का सामना कर सकते हैं।
- ट्रंप का एकतरफा सीजफायर: अमेरिका ने पाकिस्तान की अपील पर ईरान के साथ चल रहे युद्धविराम (सीजफायर) को आगे बढ़ाया गया। ट्रम्प ने कहा कि ईरान में इस समय नेतृत्व और सरकार में एकजुटता नहीं है।
- ईरान का सीजफायर से इनकार: ईरान ने किसी भी तरह के सीजफायर से इनकार किया है। मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाकर कालीबाफ ने कहा कि सीजफायर तभी संभव है जब नाकाबंदी हटाई जाए।
- होर्मुज में जहाज जब्त: ईरान की रेवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने होर्मुज स्ट्रेट में दो जहाजों को जब्त कर लिया और कहा कि इस रास्ते की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। इससे पहले इन पर गोलीबारी भी की गई।
- 20 हजार उड़ानें रद्द: यूरोप की सबसे बड़ी एयरलाइन लुफ्थांसा ने ईरान युद्ध के बाद बढ़ी ईंधन कीमतों के चलते 20 हजार उड़ानें रद्द करने का फैसला किया है।
रिपोर्ट: भारत रिकॉर्ड 25 लाख टन यूरिया खरीदेगा
भारत एक ही बार में रिकॉर्ड 25 लाख टन यूरिया आयात करने जा रहा है। रॉयटर्स ने सरकारी सूत्रों के हवाले बताया है कि इसकी वजह ईरान युद्ध के कारण सप्लाई प्रभावित होना है। भारत में यूरिया की कीमत दो महीने पहले के मुकाबले लगभग दोगुनी हो गई है। भारत की यह खरीद सालाना आयात का करीब एक चौथाई है। इससे दुनियाभर में सप्लाई और कड़ी हो सकती है और कीमतें और बढ़ सकती हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, इंडियन पोटाश लिमिटेड ने 15 लाख टन यूरिया 935 डॉलर प्रति टन की दर से खरीदा है, जो भारत के पश्चिमी तट (जैसे गुजरात, महाराष्ट्र वाले बंदरगाह) पर पहुंचेगा। वहीं, इसी तरह 10 लाख टन यूरिया 959 डॉलर प्रति टन की दर से खरीदा गया है, जो पूर्वी तट (जैसे ओडिशा, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश वाले बंदरगाह) पर आएगा। भारत दुनिया का सबसे बड़ा यूरिया आयात करने वाला देश है। इसी महीने सरकार ने 25 लाख टन यूरिया खरीदने के लिए टेंडर जारी किया था, जो 2025 में कुल लगभग 1 करोड़ टन के सालाना आयात का बड़ा हिस्सा है।
रिपोर्ट: होर्मुज से बारूदी सुरंग हटाने में 6 महीने लगेंगे
पेंटागन का अनुमान है कि होर्मुज में बिछाई गई समुद्री बारूदी सुरंगों को साफ करने में करीब 6 महीने लग सकते हैं। न्यूज एजेंसी AP के मुताबिक अमेरिकी सांसदों को एक सीक्रेट मीटिंग में यह जानकारी दी गई। एक सूत्र के मुताबिक, बैठक के बाद भी कई सवाल बाकी रह गए।
सांसदों ने ईरान के खिलाफ युद्ध की लागत, रणनीति और लक्ष्य को लेकर सवाल पूछे, लेकिन कई बातों पर साफ जवाब नहीं मिला। सांसदों ने युद्ध के शुरुआती दिनों में एक स्कूल परिसर पर हुए हमले को लेकर भी सवाल उठाए, जिनका अब तक जवाब नहीं दिया गया है।

