23वां फेडरेशन इंटरनेशनेल डी फुटबॉल एसोसिएशन (FIFA) मेंस वर्ल्ड कप 12 जून से 20 जुलाई के बीच अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको में खेला जाएगा। 96 साल के इतिहास में पहली बार तीन देश वर्ल्ड कप की मेजबानी कर रहे हैं। ओपनिंग मैच 12 जून 2026 को मेक्सिको सिटी में खेला जाएगा। इसमें मेक्सिको और साउथ अफ्रीका आमने-सामने होंगे।
16 शहरों में 48 टीमों के बीच 104 मैच खेले जाएंगे। इन टीमों को 12 ग्रुप्स में बांटा गया है। हर ग्रुप में चार टीमें हैं। 16 की जगह 32 टीमें नॉकआउट स्टेज में पहुंचेंगी। लियोनेल मेसी और क्रिस्टियानो रोनाल्डो सहित दुनिया के 1,248 फुटबॉलर्स वर्ल्ड कप में हिस्सा लेंगे।
मेक्सिको तीसरी बार मेजबान
2002 में जापान और कोरिया ने पहली बार मिलकर FIFA वर्ल्ड कप होस्ट किया था। अब 3 देश अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको हैं। मेक्सिको पहला ऐसा देश है, जिसे तीन बार (1970, 1986 और 2026) मेंस वर्ल्ड कप की मेजबानी का मौका मिला।
पहली बार 48 टीमें खेलेंगी। 1998 से अब तक केवल 32 देश इसमें हिस्सा लेते थे। 16 शहरों में 104 मैच होंगे (पहले 64 होते थे)। फाइनल में पहली बार हाफटाइम शो भी रखा जाएगा।

16 की जगह 32 टीमें नॉकआउट खेलेंगी
48 टीमों को 12 ग्रुप में बांटा गया है और हर ग्रुप में 4-4 टीमें हैं। ग्रुप स्टेज में हर टीम तीन मैच खेलेगी। हर ग्रुप की टॉप-2 टीमें सीधे नॉकआउट दौर में पहुंचेंगी यानी 24 टीमें। हर ग्रुप में तीसरे स्थान पर रहने वाली 12 टीमों में बेस्ट 8 को भी अगले दौर में जगह मिलेगी। इस तरह 32 टीमें नॉकआउट में एंट्री करेंगी।
नॉकआउट में 32 टीमों के मैच के बाद 16 टीमें बचेंगी, इनके मुकाबले के बाद 8 टीमें क्वार्टर फाइनल खेलेंगी। इसके बाद सेमीफाइनल और फाइनल खेले जाएंगे। इस नए फॉर्मेट के तहत टूर्नामेंट में कुल 104 मैच खेले जाएंगे, जो इसे FIFA इतिहास का सबसे बड़ा वर्ल्ड कप बनाता है।
FIFA-2026
हर जीत पर 3 पॉइंट्स मिलेंगे
ग्रुप स्टेज हर टीम अपने ग्रुप की बाकी तीन टीमों के खिलाफ एक-एक मैच खेलेगी।
जीत पर 3, ड्रॉ पर 1 पॉइंट और हार पर कोई पॉइंट नहीं मिलेगा।
नॉकआउट स्टेज
राउंड ऑफ 32
राउंड ऑफ 16
क्वार्टर फाइनल
सेमीफाइन
फाइनल
फ्रांस और स्पेन का ग्रुप मुश्किल
डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना को ग्रुप जे में रखा गया है। स्पेन ग्रुप एच में है, फ्रांस ग्रुप आई में, जर्मनी ग्रुप ई में, पुर्तगाल ग्रुप के में और इंग्लैंड ग्रुप एल में है।
ग्रुप एच, आई, जे, के और एल को ग्रुप ऑफ डेथ माना जा रहा है, क्योंकि इनमें मजबूत टीमें हैं। स्पेन के ग्रुप में उरुग्वे और सऊदी अरब जैसी टीमें हैं, जिन्होंने पिछले वर्ल्ड कप में कई उलटफेर किए थे। फ्रांस के ग्रुप में सेनेगल और नॉर्वे जैसी मजबूत टीमें हैं।


