Nepal Flood Updates: नेपाल ने विदेशी मदद कभी नहीं ठुकराया, पीएम शाह ने कही बड़ी बात

Nepal Flood Updates: नेपाल ने विदेशी मदद कभी नहीं ठुकराया, पीएम शाह ने कही बड़ी बात

Nepal Flood Updates: नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने कहा है कि नेपाल द्वारा विदेशी सहयोग अस्वीकार किए जाने का प्रचार भ्रामक है। उन्होंने कहा, विदेशी सहयोग अस्वीकार किया गया है यह प्रचार भ्रामक है। भारत, चीन तथा अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ बचाव और राहत के लिए आवश्यक सहयोग एवं सामग्री के संबंध में लगातार समन्वय किया जा रहा है। प्रधानमंत्री शाह ने यह भी बताया कि बचाव कार्यों में हेलिकॉप्टरों की तैनाती करते समय हवाई सुरक्षा, भौगोलिक पहुंच और वास्तविक आवश्यकता को ध्यान में रखा जा रहा है।

बालेन शाह ने क्या बताया

खोज एवं बचाव कार्यों में 15,431 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। इनमें नेपाल पुलिस के 4,473, नेपाली सेना के 6,755 और सशस्त्र पुलिस बल नेपाल के 4,203 जवान रसुवा तथा भोटेकोशी-त्रिशूली कॉरिडोर सहित प्रभावित क्षेत्रों में तैनात हैं। अब तक 4,451 लोगों का बचाव किया गया है। इनमें जलविद्युत सुरंग से बचाए गए 191 लोग और शुक्रवार के हवाई बचाव अभियान में निकाले गए 517 लोग भी शामिल हैं। नेपाली सेना और निजी क्षेत्र के कुल 16 हेलिकॉप्टरों के जरिए धुंचे, त्रिशूली, टिमुरे और स्याफ्रुबेँसी सहित क्षेत्रों में लगातार शटल उड़ानें संचालित की जा रही हैं। अब तक 99 हवाई उड़ानें हो चुकी हैं।

बचाव कार्य के साथ प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री भी पहुंचाई जा रही है। अब तक खाद्य और गैर-खाद्य सामग्री से भरे 32 ट्रक भेजे गए हैं। हेलिकॉप्टर से 6 उड़ानों के जरिए भी राहत सामग्री पहुंचाई गई है। प्रभावित क्षेत्रों में संचार उपकरण भी भेजे गए हैं। सुरंगों में फंसे नागरिकों और कर्मचारियों के बचाव को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। अपर त्रिशूली जलविद्युत परियोजना, रसुवागढ़ी जलविद्युत केंद्र तथा अन्य जोखिम वाले सुरंगों में खोज एवं बचाव जारी है। आवश्यक विशेष बचाव उपकरण भी तैनात किए गए हैं।

129 विदेशी पर्यटकों/नागरिकों का बचाव एवं पहचान

खोज अभियान को निचले तटीय क्षेत्रों तक विस्तारित किया गया है। रसुवा से नुवाकोट, धादिंग होते हुए गोरखा, तनहुँ, चितवन और नवलपरासी तक त्रिशूली–नारायणी नदी कॉरिडोर में अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात कर लापता लोगों और शवों की तलाश जारी है। विदेशी नागरिकों की खोज, बचाव और पहचान के लिए विशेष समन्वय किया जा रहा है। अब तक 129 विदेशी पर्यटकों/नागरिकों का बचाव एवं पहचान की जा चुकी है। विदेश मंत्रालय ने दूतावासों और परिवारों के साथ समन्वय के लिए इमरजेंसी कंट्रोल रूम संचालित किया है।

विदेशी सहयोग अस्वीकार किए जाने का प्रचार भ्रामक है। भारत, चीन और अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ बचाव एवं राहत के लिए आवश्यक सहयोग और सामग्री को लेकर लगातार समन्वय किया जा रहा है। हेलिकॉप्टरों के इस्तेमाल में हवाई सुरक्षा, भौगोलिक पहुंच और वास्तविक आवश्यकता को ध्यान में रखा गया है। भोटेकोशी और निचले तटीय क्षेत्रों में दोबारा बाढ़ के खतरे की लगातार निगरानी की जा रही है। संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों में पूर्व चेतावनी और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने की तैयारी की गई है। जोखिम वाले क्षेत्रों के नागरिकों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई है। 2 लाख से अधिक एसएमएस अलर्ट के जरिए पूर्व चेतावनी दी गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *