Lucknow KGMU: केजीएमयू के बाल रोग विभाग में इलाज के दौरान एक बच्ची की मौत हो गई। नाराज परिवारीजनों ने जमकर हंगामा किया। आरोप लगाया है कि आईसीयू वेंटिलेटर से हटाकर बच्ची को सामान्य वार्ड में भर्ती कर दिया। वहां ऑक्सीजन तक की व्यवस्था नहीं थी। सांस लेने में दिक्कत होने पर इलाज के अभाव में बच्ची की सांसें थम गईं। सूचना पर पुलिस पहुंची और परिजनों को शांत कराया।
क्या है मामला?
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, गोमतीनगर विकल्प खंड निवासी आरोही साहू (6 वर्ष)को जीबीएस (गिलियन-बैरे सिंड्रोम) की परेशानी थी। यह एक दुर्लभ न्यूरोलॉजिकल बीमारी है। पिता बैज नाथ साहू ने बताया कि बेटी की 27 सितंबर को हालत बिगड़ गई थी। बेटी को लेकर केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर के चौथे तल पर लेकर पहुंचे। यहां पर घंटों इंतजार के बाद बच्ची को भर्ती किया गया। करीब एक माह 10 दिन बाद आरोही को वेंटिलेटर से हटाकर बाल रोग विभाग में शिफ्ट किया गया। यहां बच्ची को आईसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट पर भर्ती किया। इलाज के बाद से सेहत में कुछ सुधार हुआ था। इसी दौरान डॉक्टरों ने बच्ची का वेंटिलेटर हटाकर सामान्य वार्ड में भर्ती कर दिया। आरोप हैं कि यहां ऑक्सीजन तक का बंदोबस्त नहीं था।
हाथ जोड़कर बच्ची को बचाने की फरियाद करते रहे
नतीजतन बच्ची को सांस लेने में तकलीफ होने लगी। परिवारीजनों ने डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ को मरीज की बिगड़ती हालत की जानकारी दी। लेकिन डॉक्टर व कर्मचारियों ने बच्ची को देखने तक की जहमत नहीं उठाई। उसकी सांसें उखड़ने लगीं। परिवारीजन डॉक्टरों के सामने हाथ जोड़कर बच्ची को बचाने की फरियाद करते रहे। परेशान हाल परिवारीजनों को गिड़गिड़ाता देखने के बाद भी डॉक्टर नहीं पसीजे। आखिर में आरोही की सांसें थम गईं। नाराज परिवारीजनों ने वार्ड में हंगामा किया। सुनवाई न होने पर परिवारीजनों ने 112 पर फोन कर पुलिस को घटना की जानकारी दी। पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने किसी तरह मामला शांत कराया। अभिषेक साहू का आरोप है कि पुलिस ने भी डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ पर कोई कार्रवाई नहीं की।
सांस की नली में खाना जाने की आशंका
इलाज करने वाले डॉक्टर ने आशंका जताई कि रात में खाना खिलाने के बाद बच्ची लेटी हुई थी। इस दौरान उसे उल्टी हुई होगी और खाने का कुछ हिस्सा सांस की नली में चला गया होगा। सुबह उसकी हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन उसकी मौत हो गई। हालांकि, मौत की वजह की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
