भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) का समता मूलक चौराहे पर प्रदर्शन
Lucknow: प्रदेश के किसानों की विभिन्न समस्याओं और प्रशासनिक भ्रष्टाचार को लेकर भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) 3 नवंबर को लखनऊ के समता मूलक चौराहे (यूपी प्रोजेक्ट्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड/ गोमती बैराज) पर बड़ा विरोध प्रदर्शन और चक्का जाम करने जा रही है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष चौधरी हरिनाम सिंह वर्मा ने चेतावनी दी है कि यदि किसानों की मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष चौ. हरिनाम सिंह वर्मा के अनुसार, चीनी मिलें चालू होने से पहले सरकार को गन्ने का समर्थन मूल्य कम से कम ₹500 प्रति क्विंटल घोषित करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी चीनी मिलों के क्रय केंद्र काटकर मनमाने ढंग से प्राइवेट चीनी मिलों को दिए जा रहे हैं, जिसकी विजिलेंस जांच होनी चाहिए। इसके साथ ही बजाज चीनी मिल द्वारा गन्ना किसानों के बकाए का जल्द से जल्द भुगतान कराने की मांग उठाई गई है।
बीमा कंपनियों की मनमानी और बैंकों द्वारा उत्पीड़न
यूनियन का आरोप है कि बेमौसम बरसात से किसानों की धान, दलहन व तिलहन की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं, लेकिन बीमा कंपनियां क्षतिपूर्ति का मुआवजा नहीं दे रही हैं। किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) बनाते ही बीमा की राशि तुरंत काट ली जाती है, जबकि नुकसान के वक्त क्लेम नहीं मिलता। इसके अलावा बैंकों द्वारा किसानों का उत्पीड़न और तहसीलों में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर भी संगठन में गहरा आक्रोश है। प्रदर्शन में सिंचाई विभाग के अधिकारियों पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप, नहरों की उचित सफाई न होने के कारण गांवों में जलभराव, तथा ‘जल जीवन मिशन’ के तहत खोदी गई सड़कों और बिछाई गई घटिया पाइपलाइनों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया जाएगा।
