UP News: कुछ समय पहले ही भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) से इस्तीफा देने वाली दिव्या मित्तल ने अपने अगले कदम का खुलासा कर दिया है। उन्होंने राजनीति में सक्रिय होने का फैसला किया है। हालांकि, फिलहाल पूर्व आईएएस किसी राजनीतिक दल में शामिल नहीं होंगी।
उनका कहना है कि वह उत्तर प्रदेश में ही सक्रिय रहेंगी। जनता के साथ मिलकर आगे की राह तय करेंगी। मंगलवार को एक्स पर एक वीडियो जारी करके उन्होंने न सिर्फ यह जानकरी साझा की, बल्कि, सरकार और नौकरशाही पर भी सवाल उठाए।
एक दिन पहले पोस्ट करके रखे थे चार विकल्प
इससे एक दिन पहले यानी सोमवार को दिव्या मित्तल ने एक्स के माध्यम से अपने भविष्य को लेकर चार संभावित विकल्प सामने रखे थे। उन्होंने लिखा बच्चे छोटे हैं, अब घर। इसके बाद उन्होंने विदेश में नौकरी के विकल्प की ओर इशारा करते हुए लिखा, अच्छा पैकेज मिलेगा वापस विदेश, आईएएस के अनुभव और अपनी किताब का जिक्र करते हुए लिखा आईएएस पर किताब लिखी है।
पूर्व IAS दिव्या मित्तल (Divya Mittal) का राजनीति में आने का ऐलान, वीडियो जारी कर दी जानकारी#DivyaMittal #IAS #IASDivyaMittal #UPNews #UPPolitics pic.twitter.com/qAex9u3Aro
— Shailendra Singh (@Shailendra97S) September 29, 2026
इसके बाद से उनके आखिरी फैसले पर लोगों की निगाह टिकी हुई थी। अब उन्होंने यह साफ कर दिया है कि उनका अगला कदम क्या होगा?
साधारण परिवेश में पली-बढ़ी होने के बावजूद सफल जीवन का सपना देखा
बताते चलें कि 30 अगस्त 2026 को दिव्या मित्तल ने 13 वर्षों की प्रशासनिक यात्रा को विराम देते हुए अपनी इच्छा से पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने उस समय भी सोशल मीडिया पर एक भावुक संदेश साझा करके अपने फैसले की जानकारी दी थी। पोस्ट में उन्होंने आईएएस बनने के सफर से लेकर प्रशासनिक सेवा के दौरान आम लोगों से मिले अनुभवों और सीख को साझा किया था।
दिव्या मित्तल ने बताया था कि कैसे साधारण परिवेश में पली-बढ़ी होने के बावजूद उन्होंने बेहतर और सफल जीवन का सपना देखा था। दिन-रात मेहनत कर उन्होंने आईआईटी दिल्ली और आईआईएम बेंगलुरु से पढ़ाई की। इसके बाद लंदन में नौकरी मिली। हालांकि, सब कुछ हासिल कर लेने के बाद भी उन्हें अपने देश से दूर होने का खालीपन महसूस होता रहा। उन्होंने लिखा था कि उनकी शिक्षा, आत्मविश्वास और दुनिया में कहीं भी सिर उठाकर चलने की ताकत इसी देश की मिट्टी का कर्ज है। इसी कर्ज को चुकाने की इच्छा से वह भारत लौटीं और आईएएस अधिकारी बनने का अवसर मिला।
