UP News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लखनऊ में यूपी पुलिस के दरोगा पद पर चुने गए 4,543 युवाओं को नियुक्ति पत्र बांटे। इस दौरान उन्होंने कहा- भाजपा सरकार में अब तक 9.50 लाख सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं। 1 लाख और नौकरियों का वादा भी जल्द पूरा होने वाला है, लेकिन इस बार कुछ नियुक्ति पत्र रोक लेंगे। उन्हें तीसरी बार सरकार बनने पर बांटेंगे।
मुख्यमंत्री ने पूछा- क्या किसी को रिश्वत देनी पड़ी या सिफारिश लगानी पड़ी? उन्होंने कहा कि अब यूपी में लेन-देन या धौंस से नौकरी मिलना संभव नहीं है। उन्होंने कहा- मैंने 2012 से 2017 और 2003 से 2017 के बीच का दौर भी देखा है। उस दौरान कई ऐसी नियुक्तियां हुईं, जिनमें आवेदक कोई और था और नियुक्ति पत्र किसी और को दे दिया गया। ऐसे कई मामले अभी भी कोर्ट में चल रहे हैं।
दिवाली के ठीक बाद और नियुक्ति पत्र बांटे जाएंगे
सीएम योगी ने कहा- मुझे चिंता होती है कि अगर कोर्ट ने गड़बड़ी वाली पुरानी भर्तियां रद्द कर दीं तो क्या होगा। हां, अगर कोर्ट उन अधिकारियों और बेईमानों की संपत्ति जब्त करने का आदेश दे, जिन्होंने युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किया, तो मुझे बहुत खुशी होगी।
उन्होंने कहा- दिवाली के ठीक बाद हम राजस्व विभाग में 1,200 से अधिक नियुक्ति पत्र देंगे। उसके बाद होमगार्ड भर्ती प्रक्रिया के तहत 42,000 युवाओं को जॉइनिंग लेटर सौंपेंगे। 32 हजार सिपाहियों को भी नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे।
भाजपा न आती तो चयन प्रक्रिया सपना बन जाती
सीएम ने कहा- हमने यूपी को बदलते हुए देखा है। मैं ऐसा इसलिए कह रहा हूं, क्योंकि अगर 2017 में यूपी में ‘डबल इंजन’ सरकार सत्ता में नहीं आती, तो यह चयन प्रक्रिया शायद बस एक सपना बनकर रह जाती।
योगी ने कहा- 10 साल पहले देश में यूपी ने अपनी पहचान खो दी थी। लोग ‘उत्तर प्रदेश’ नाम सुनकर ही चौंक जाते थे और दूर भागते थे। भर्तियां लगभग बंद हो गई थीं। नतीजा यह हुआ कि यूपी अव्यवस्था और अशांति का पर्याय बन गया। कर्फ्यू और दंगे इसकी नियति बन गए। भारत का सबसे अधिक आबादी वाला राज्य, जहां सबसे युवा कार्यबल है, बेहद दयनीय स्थिति में पहुंच गया था।
अब कोई भाई–भतीजावाद नहीं होगा
योगी आदित्यनाथ ने कहा- पहले भर्ती का मतलब केवल सैफई सिंडिकेट होता था। इस सरकार ने उस सिंडिकेट को तोड़ा है। अब कोई भाई-भतीजावाद नहीं होगा। उन्होंने कहा- देश के अंदर कहीं कोई घटना घटित होती है तो पीड़ित की ओर से एक ही आवाज आती है कि यूपी पुलिस होती तो इन गुंडों और माफियाओं का इतना दुस्साहस नहीं होता।
