डोनाल्‍ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग लाने की तैयारी में विपक्ष, एपस्टीन मामले की भी होगी जांच

डोनाल्‍ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग लाने की तैयारी में विपक्ष, एपस्टीन मामले की भी होगी जांच

America Midterm Election 2026: मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की हार के बाद अब राष्ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग लाने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके जरिए उन्हें पद से हटाया जा सकता है। न्यूज एजेंसी AP के मुताबिक, डेमोक्रेट्स आरोप लगा रहे हैं कि ट्रम्प ने अपने पद का इस्तेमाल कर अपने करीबियों को फायदा पहुंचाया और संपत्ति जुटाई। इससे आम लोगों को नुकसान उठाना पड़ा।

डेमोक्रेटिक सांसद रॉबर्ट गार्सिया ने कहा है कि वे यह पता लगाएंगे राष्ट्रपति रहते हुए ट्रम्प और उनके परिवार की संपत्ति कैसे बढ़ी। उनका फोकस ट्रम्प के बेटों और दामाद जेरेड कुशनर के कारोबारी सौदों पर है। गार्सिया ने जांच के लिए पांच मुद्दे तय किए हैं। इनमें ट्रम्प परिवार के कारोबारी सौदे, जेफ्री एपस्टीन मामले की जांच में ट्रम्प प्रशासन की भूमिका और अमेरिकी इमिग्रेशन एजेंसी (ICE) की छापेमारी और कार्रवाई शामिल हैं।

हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स

हाउस में कुल 435 सीटें हैं। सभी सीटों पर चुनाव हुए। विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी ने 242 और ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी ने 151 सीटें जीती हैं। 42 सीटों पर वोटों की गिनती जारी है। डेमोक्रेट्स को जरूरी बहुमत मिल चुका है।

सीनेट

सीनेट की 100 सीटों में से 35 पर चुनाव हुए हैं। अब तक 33 सीटों के नतीजे सामने आ चुके हैं। इनमें डेमोक्रेटिक पार्टी ने 20 और रिपब्लिकन पार्टी ने 13 सीटें जीती हैं। बाकी 2 सीटों पर वोटों की गिनती जारी है। इन नतीजों को मिलाकर डेमोक्रेटिक पार्टी के पास 54 और रिपब्लिकन पार्टी के पास 44 सीटें हैं।

गवर्नर चुनाव

कुल 36 सीटों में से 34 राज्यों के नतीजे आ चुके हैं। 22 डेमोक्रेट्स और 12 रिपब्लिकन ने सीटें जीती हैं। 2 राज्यों में वोटों की गिनती जारी है।

व्हाइट हाउस ने कहा– ईरान जंग पर वेंस के बयान से ट्रम्प नाराज नहीं

अमेरिका में चर्चा है कि राष्ट्रपति ट्रम्प और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के बीच ईरान जंग को लेकर मतभेद हैं। इसकी वजह वेंस की वह पोस्ट है, जिसमें उन्होंने मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की हार के लिए ईरान जंग को जिम्मेदार बताया था।

हालांकि, व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने BBC को बताया कि वेंस की पोस्ट जारी होने से पहले ही ट्रम्प को इसकी जानकारी थी। अधिकारी के मुताबिक, ट्रम्प को इस पोस्ट से कोई परेशानी नहीं थी। यही वजह है कि उन्होंने पत्रकारों के सवाल पर वेंस की बात का समर्थन भी किया था।

मैक्सिको की राष्ट्रपति बोलीं– ICE की छापेमारी से ट्रम्प की पार्टी को नुकसान हुआ

मैक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शिनबॉम ने कहा है कि अमेरिका में प्रवासियों पर छापेमारी और उनके साथ नस्ल के आधार पर भेदभाव की वजह से हिस्पैनिक वोटरों ने ट्रम्प की पार्टी से दूरी बनाई। उन्होंने कहा कि नस्ल और मूल देश के कारण लोगों को निशाना बनाया गया। इसका असर मिडटर्म चुनाव में हिस्पैनिक वोटरों के फैसले पर पड़ना तय है।

दो साल पहले राष्ट्रपति चुनाव में ट्रम्प को किसी भी रिपब्लिकन राष्ट्रपति के मुकाबले हिस्पैनिक वोटरों का सबसे ज्यादा समर्थन मिला था। लाखों हिस्पैनिक वोटरों ने उन्हें वोट दिया था।

संसद में बहुमत गंवाने के बाद भी ट्रम्प के पास कितनी ताकत?

कानून रोक सकते हैं: ट्रम्प संसद से पास होने वाले किसी भी बिल पर वीटो लगा सकते हैं। डेमोक्रेट्स के पास फिलहाल इतने वोट नहीं हैं कि

वे अपने फैसले लागू कर सकते हैं: ट्रम्प सरकारी आदेश जारी कर सकते हैं, इमरजेंसी घोषित कर सकते हैं और सरकारी एजेंसियों को निर्देश दे सकते हैं। विदेश नीति पर भी उनके पास अधिकार रहेंगे।

माफी देने का अधिकार रहेगा: राष्ट्रपति के पास अपराधियों को माफी देने का अधिकार है। अगर ट्रम्प पद छोड़ने से पहले अपने सहयोगियों को माफी देते हैं, तो इस पर राजनीतिक विवाद हो सकता है। इससे पहले जो बाइडेन भी ऐसा कर चुके हैं।

जज और अधिकारियों की नियुक्ति: रिपब्लिकन बहुमत वाली संसद के पास अभी दो महीने हैं। इस दौरान ट्रम्प अपनी पसंद के जज और अधिकारियों की नियुक्ति को मंजूरी दिलाने की कोशिश कर सकते हैं।

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