BSP Chief Mayawati: बहुजन समाज पार्टी (BSP) की मुखिया मायावती ने सोमवार को कहा कि देश में बेरोजगारी, महंगाई, अशिक्षा और भ्रष्टाचार जैसी गंभीर समस्याओं पर केंद्र व राज्य सरकारों की उदासीनता चिंताजनक है। पूर्व में बसपा ने अपनी सरकार के दौरान पुलिस व पंचायती राज विभाग में करीब ढाई लाख नए सरकारी पद सृजित किए थे। अब कॉकरोच जनता पार्टी के 36 दिन के जंतर मंतर आंदोलन ने इन गंभीर मुद्दों को राष्ट्रीय महत्व का बना दिया है। इस आंदोलन के कारण देश के शिक्षा मंत्री को भी अपना पद गंवाना पड़ा।
बसपा सुप्रीमो ने अपने बयान में कहा कि केंद्र व राज्य सरकारों को करीब सवा सौ करोड़ गरीबों, श्रमिकों, युवाओं और महिलाओं की वास्तविक चिंता करनी चाहिए। राष्ट्रीय संपत्तियों को निजी हाथों में बेचना बंद करके सरकारी नौकरियों पर ध्यान देना होगा। सभी विभागों में रिक्त लाखों पदों पर प्रश्नपत्र लीक व भ्रष्टाचार-मुक्त समयबद्ध भर्तियां तत्काल शुरू हों।
1. जैसाकि सर्वविदित है कि बी.एस.पी. ने यूपी में अपनी सरकार के दौरान पुलिस व पंचायती राज विभाग में लगभग सवादो लाख नये सरकारी पद सृजित करके तथा नौकरियों की भर्ती पर लगी रोक को भी हटाकर सर्वसमाज के कई लाख लोगों की सरकारी नौकरियों में बहाली की और फिर उसके बाद सरकार में ना रहने पर…
— Mayawati (@Mayawati) August 10, 2026
मानवतावादी नीति लागू करनी होगी
मायावती ने कहा, एक परिवार में एक सरकारी नौकरी मिलने से लाखों परिवारों का सीधा भला होगा। इससे एससी, एसटी व ओबीसी समाज को सांविधानिक आत्म-सम्मान की सुरक्षा भी मिलेगी। सरकारों को मुनाफाखोरी की व्यापारिक सोच त्यागकर संविधान की मानवतावादी नीति लागू करनी होगी। हर हाथ को काम देने वाली यह नीति व्यापक जनहित में लाख दुखों की एक दवा है। जंतर मंतर में आंदोलित युवाओं के मुद्दों पर संसद के वर्तमान सत्र में जारी गतिरोध समाप्त हो।
