झारखंड में छात्रों पर लाठीचार्ज, JPSC के पूर्व अध्यक्ष गिरफ्तार; छात्र नेता बोले- यह आंदोलन रुकने वाला नहीं

झारखंड में छात्रों पर लाठीचार्ज, JPSC के पूर्व अध्यक्ष गिरफ्तार; छात्र नेता बोले- यह आंदोलन रुकने वाला नहीं

Jharkhand Student Protest: झारखंड के रांची में जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा में धांधली के खिलाफ हजारों की संख्या में छात्र सोमवार को विधानसभा के करीब पहुंच गए। वहीं पर धरना शुरू कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया है। छात्रों ने पानी की बोतल और चप्पलें फेंकीं। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को कंटीले तार की बैरिकेडिंग और वाटर कैनन से रोकने की कोशिश की तो छात्र बैरिकेडिंग पर चढ़कर डांस करते नजर आए। इसके बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी दागे।

इधर, CID ने JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल ख्यांगते को गिरफ्तार कर लिया है। 21 जुलाई को JPSC ऑफिस में रेड के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया था। CID उनसे लगातार पूछताछ कर रही थी। विधानसभा को चारों तरफ से 6 लेयर की सुरक्षा व्यवस्था की गई है। CCTV कैमरों से निगरानी की जा रही है।

छात्र नेता बोले– यह आंदोलन रुकने वाला नहीं

छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि यह आंदोलन रुकने वाला नहीं है। यह एक जन-आंदोलन बन गया है। ‘युवा’ शब्द को उल्टा करने पर ‘वायु’ बनता है और ‘वायु’ को कोई नहीं रोक सकता। इस विधानसभा मार्च में छात्रों का दर्द देख सकते हैं। नौ दिन की भूख हड़ताल के बाद भी मैं एंबुलेंस से यहां आया हूं और स्ट्रेचर पर इस मार्च का हिस्सा बना हूं। लेकिन यह सरकार हमारी आवाज दबा रही है और वॉटर कैनन व आंसू गैस के गोले इस्तेमाल कर रही है।

यह निंदनीय है। सरकार डरी हुई है। यह कायर सरकार है। सरकार के साथ हमारी तीन दौर की बातचीत हुई है, उन्हें हमारी मांगें पूरी करनी चाहिए। अगर छात्रों की मांगें पूरी नहीं हुईं, तो CM पद खतरे में पड़ जाएगा। सरकार हिल जाएगी, यह आंदोलन रुकने वाला नहीं है।

17 दिनों से चल रहा आंदोलन

वहीं, नौ दिन से भूख हड़ताल पर बैठे देवेंद्रनाथ महतो एंबुलेंस से विधानसभा मार्च में शामिल हुए। भाजपा विधायक भी छात्रों के समर्थन में सीएम हाउस के सामने धरने पर बैठे, जिन्हें बाद में पुलिस ने वहां से हटा दिया। छात्र झारखंड PSC-SSC की परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर 17 दिन से आंदोलन कर रहे हैं। छह छात्र भूख हड़ताल पर हैं।

पुलिस ने किया हल्का लाठीचार्ज

रांची के ग्रामीण SP गौरव गोस्वामी ने कहा कि कुछ छात्र आखिरी बैरिकेडिंग तक पहुंचने की कोशिश की, जहां पहले से धारा 163 लागू था। पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज किया। लाठी का बहुत कम इस्तेमाल किया गया। हम लगातार छात्रों से बात कर रहे हैं। वे अभी शांत हैं और हम उनसे लगातार बातचीत कर रहे हैं।

बाबूलाल मरांडी ने कहा– पूर्व अध्यक्ष की गिरफ्तारी सिर्फ दिखावा

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया X लिखा- JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते की गिरफ्तारी सिर्फ दिखावा है। हेमंत सरकार विनय चौबे की तरह इन्हें भी बिना चार्जशीट दाखिल किए डिफॉल्ट बेल दिलाकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल देगी। छात्रों की मांग सिर्फ JPSC तक सीमित नहीं है।

JSSC की सहायक आचार्य, CGL, उत्पाद सिपाही और PGT जैसी परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर धांधली कर नौकरियां बेची गई है। सरकार वास्तव में कार्रवाई करना चाहती है तो JPSC के तीनों सदस्यों के साथ-साथ JSSC-CGL परीक्षा के दौरान आयोग में जिम्मेदार तत्कालीन अधिकारियों नीरज सिन्हा और सुधीर गुप्ता और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के करीबी विनोद की भी गिरफ्तारी करें।

MLA जयराम महतो ने कहा- छात्रों की मांग मान लेनी चाहिए

झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के विधायक जयराम महतो ने कहा कि यह सरकार की विफलता है। उन्हें छात्रों की मांग मान लेनी चाहिए थी। सरकार ने कई मांगें मानी भी हैं, इसके लिए मैं उन्हें धन्यवाद देता हूं। लेकिन सबसे अहम मांग JSSC-CGL परीक्षा को लेकर है। इसमें सबसे ज्यादा गड़बड़ियां हुई हैं।

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