India Seychelles: भारत और सेशेल्स ने रविवार (28 जून) को 19 बड़े समझौतों और विकास परियोजनाओं की घोषणा की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी की मौजूदगी में हुए इन फैसलों से रक्षा, डिजिटल भुगतान, स्वास्थ्य, शिक्षा, अंतरिक्ष और समुद्री सुरक्षा जैसे कई क्षेत्रों में सहयोग मजबूत होगा। सबसे बड़ी घोषणा यह रही कि अब सेशेल्स में भी भारत की UPI आधारित डिजिटल भुगतान व्यवस्था शुरू होगी।
भारत ने अब तक 23 से अधिक देशों के साथ UPI को लेकर समझौते किए हैं। फिलहाल 9 देशों में UPI से भुगतान की सुविधा उपलब्ध है। इसके अलावा भारत, सेशेल्स को 1,250 करोड़ रुपए की लाइन ऑफ क्रेडिट (लोन) देगा, जिससे वहां की विकास परियोजनाओं को पूरा किया जाएगा। दोनों देशों ने प्रत्यर्पण संधि, नए राष्ट्रीय अस्पताल की तैयारी और अंतरिक्ष के शांतिपूर्ण उपयोग जैसे अहम समझौतों पर भी हस्ताक्षर किए।
भारत ने सेशेल्स को दीं ये चीजें
भारत ने सेशेल्स को एक फास्ट पेट्रोल वेसल, 10 यूटिलिटी वाहन, 5 नौकाएं, 6 एम्बुलेंस, 500 मीट्रिक टन चावल और 8,500 मीट्रिक टन सीमेंट भी सौंपा। इसके साथ ही साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति बनी। ये घोषणाएं ऐसे समय हुई हैं, जब दोनों देश राजनयिक संबंधों के 50 साल पूरे होने का जश्न मना रहे हैं।
मोदी गोल्डन जुबली नेशनल डे में चीफ गेस्ट
प्रधानमंत्री मोदी को रविवार को सेशेल्स के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘गार्जियन ऑफ ब्लू होराइजन’ से सम्मानित किया गया। उन्हें अब तक 34 देशों का सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिल चुका है।
मोदी आज सेशल्स की आजादी के 50 साल पूरे होने पर मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे। इस मौके पर भारतीय सशस्त्र बलों की एक टुकड़ी और भारतीय नौसेना का युद्धपोत INS तरकश और हाइड्रोग्राफिक सर्वे शिप INS इक्षक भी परेड और समारोह का हिस्सा बनेंगे। इस दौरान भारतीय नौसेना की मार्चिंग टुकड़ी और नेवल बैंड भी परेड में शामिल होंगे।
PM मोदी के सेशेल्स दौरे की 4 खास बातें
- गोल्डन जुबली नेशनल डे में मुख्य अतिथि
PM मोदी 29 जून को सेशल्स की आजादी के 50 साल पूरे होने पर मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे। इस मौके पर भारतीय सशस्त्र बलों की एक टुकड़ी और भारतीय नौसेना का युद्धपोत INS तरकश और हाइड्रोग्राफिक सर्वे शिप INS इक्षक भी परेड और समारोह का हिस्सा बनेंगे।
- 175 मिलियन डॉलर का आर्थिक पैकेज
भारत ने सेशल्स के विकास और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 175 मिलियन अमेरिकी डॉलर (1651 करोड़) के आर्थिक पैकेज की घोषणा की है। इसके अलावा भारत ने सेशेल्स को भारत में बना फास्ट पेट्रोल वेसल (FPV) ‘पीएस लेस्पवार’ गिफ्ट किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत में निर्मित फास्ट पेट्रोल वेसल PS लेस्पवार सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी को गिफ्ट किया। यह सेशेल्स की समुद्री निगरानी क्षमता को मजबूत करेगा।
- नए समझौतों पर हस्ताक्षर
भारत और सेशेल्स ने 19 अहम समझौतों और घोषणाओं का ऐलान किया। इसमें प्रत्यर्पण संधि, यूपीआई आधारित डिजिटल भुगतान शुरू करने, डिजिटल भुगतान आदि शामिल थे।
- मोदी ने कोको डी मेर पौधा लगाया
कोको डी मेर का पौधा और इसका फल सिर्फ सेशल्स में ही प्राकृतिक रूप से पाया जाता है। इसके फल के अंदर मिलने वाला बीज दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे भारी बीज माना जाता है। एक अकेले बीज का वजन 15 से 30 किलोग्राम तक हो सकता है। कोको डी मेर के नर और मादा पेड़ अलग-अलग होते हैं। मादा फल महिला के कूल्हे जैसा दिखाई देता है। इसे ‘डबल कोकोनट’ भी कहा जाता है। वहीं, नर फूल पुरुष के जननांग जैसा दिखता है। इस अनूठी बनावट के कारण सदियों से इस पौधे को लेकर कई तरह की लोककथाएं और पौराणिक कहानियां प्रचलित हैं।
इस पेड़ को वयस्क होने और फल देने में 20 से 40 साल का समय लगता है। एक फल को पूरी तरह पककर तैयार होने में 6 से 7 साल लग जाते हैं। यह पेड़ बेहद लंबी उम्र जीता है; माना जाता है कि ये 200 से 350 साल तक जीवित रह सकते हैं। प्राचीन काल में, जब यह फल समुद्र में तैरता हुआ मालदीव या भारत के तटों पर पहुंच जाता था, तो लोग सोचते थे कि यह समुद्र के तल में उगने वाले किसी जादुई पेड़ का फल है। इसी वजह से फ्रांसीसी भाषा में इसका नाम ‘कोको डी मेर’ पड़ा, जिसका अर्थ होता है समुद्र का नारियल।
मोदी सेशेल्स जाने वाले सिर्फ दूसरे प्रधानमंत्री
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी साल 1976 में सेशेल्स गई थीं। उसी साल सेशेल्स आजाद हुआ था। भारत ने सेशेल्स के स्वतंत्रता समारोह में नौसेना का युद्धपोत आईएनएस नीलगिरि भी भेजा था। इसके बाद इंदिरा गांधी ने 1981 में फिर सेशेल्स का दौरा किया था। उनकी यात्रा के बाद, लगभग 34 साल तक किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री ने सेशेल्स की यात्रा नहीं की थी।

