Bareilly News: एसआरएमएस रिद्धिमा में रविवार (01 नवंबर) शाम कथक प्रस्तुति ‘रहस’ में कथक गुरुओं और विद्यार्थियों ने अपनी नृत्य प्रतिभा से ठुमरी के रंग बिखरे। कथक प्रस्तुति ‘रहस’ का आरंभ मोहे पनघट पे नन्दलाल से हुआ। कथक के विद्यार्थियों गौरिका, नायरा, नितारा, करुणया, मीरा, अनुभूति, नित्या अग्रवाल, गौरवी, गुरनूर, खुशी, वर्णिका, बबिता, दीक्षा, जाहन्वी, नीरू, निकिता, डॉली, अपूर्वा, शोखी, मधुर, अनाया, पर्णिका, अनिका, जोया, गायनवी, गौरा, अवियाना, आयत, समृद्धि, इक्शा, त्रिज्ञानशि, काइरा, विवक्षा, समृद्धि, नित्या ढींगरा, वैदेही, प्रकृति, ऋत्विका, नूपुर, सपना, नियति, सुषमा, तृप्ता, क्षमा ने अपनी नृत्य प्रतिभा का अद्भुत प्रदर्शन किया।

विद्यार्थियों ने सवार गिरधर मोरे, सब बनठन आई श्याम, कहे करात मोसे, डगर चालत देखो श्याम पर अपनी नृत्य प्रतिभा के प्रदर्शन से दर्शकों की वाहवाही हासिल की। विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने कथक गुरु देबज्योति नस्कर स्वयं मंच पर पहुचे और उन्होंने बिहारी को आपने बस कर पाऊं पर अपनी प्रस्तुति दी। कथक गुरु रियाश्री चटर्जी ने लट उलझी पर बेहतरीन प्रदर्शन किया। गीत कहे छेड़ पर अपनी नृत्य कला का प्रदर्शन कर देविशा मूर्ति ने सभागार में उपस्थित सभी लोगों की तालियां हासिल कीं। अंत में कथक गुरु अंशु कुमार शर्मा और विद्यार्थियों ने मंच संभाला और चंचल चपल चतुर नर पर अपने कथक नृत्य का प्रदर्शन किया।

कथक प्रस्तुति में वाद्ययंत्रों के गुरुओं अमरनाथ (तबला), ऋषभ आशीष पाठक (पखावज), सीमा (सितार), पवन भारद्वाज (हारमोनियम) और ध्रुव त्रिपाठी (सारंगी) ने अपने वाद्ययंत्रों की संगत से और गायन गुरु प्रियंका ग्वाल और सात्विक मिश्रा ने अपने स्वरों के जरिये उपस्थिति दर्ज कराई। इस अवसर पर एसआरएमएस ट्रस्ट के संस्थापक एवं चेयरमैन देव मूर्ति, आशा मूर्ति, आदित्य मूर्ति, ऋचा मूर्ति, देविशा मूर्ति, उषा गुप्ता, डॉ. रजनी अग्रवाल, सुभाष मेहरा, डॉ. निर्मल यादव, डॉ. एमएस बुटोला, डॉ. प्रभाकर गुप्ता, डॉ. अनुज कुमार, डॉ. शैलेश सक्सेना, डॉ. रीता शर्मा सहित शहर के गणमान्य लोग मौजूद रहे।
