Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ 14 दिनों से बाढ़ की चपेट में है और तीन लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हैं। सबसे भयावह स्थिति फैजुल्लागंज की है। इसको लेकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि फैजुल्लागंज में करीब पांच लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। इसके बावजूद क्षेत्र को अब तक आपदा घोषित नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि कई परिवार घर छोड़ने को मजबूर हैं। प्रभावित लोगों को राहत सामग्री, नाव और दूसरी जरूरी सुविधाएं पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल रही हैं।
बता दें कि यहां 40 से 50 हजार से ज्यादा घर आधे से अधिक पानी में डूबे हैं। हालांकि, कुछ इलाकों में जलस्तर घटा है, लेकिन लोगों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। सड़कों पर नाव चल रही हैं। घरों के बाहर खड़ी कारें और बाइकें पानी में डूबी हैं। घरों में रखा राशन खराब हो गया है। कई परिवार घर छोड़कर किराए के मकानों में रहने को मजबूर हैं।
चंद्रिका देवी धाम मंदिर बंद
जलभराव के कारण मां चंद्रिका देवी धाम मंदिर बंद है। ऐसा पहली बार हुआ है, जब नवरात्र में श्रद्धालु मां के दर्शन नहीं कर पा रहे हैं। हालांकि, गोमती नदी का जलस्तर थोड़ा घटा है। शनिवार शाम 6 बजे गऊघाट पर जलस्तर 108.54 मीटर रिकॉर्ड किया गया।
अखिलेश बोले– फैजुल्लागंज में 5 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दावा किया कि फैजुल्लागंज में करीब पांच लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। इसके बावजूद क्षेत्र को अब तक आपदा घोषित नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि कई परिवार घर छोड़ने को मजबूर हैं। लोगों को राहत सामग्री, नाव और दूसरी जरूरी सुविधाएं पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल रही हैं।
अखिलेश ने बैराज के गेट खोलने-बंद करने के फैसलों पर सवाल उठाते हुए बाढ़ प्रबंधन में लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने फैजुल्लागंज और गोमती रिवरफ्रंट के आसपास जलभराव के लिए गलत प्रबंधन को जिम्मेदार बताया। साथ ही नगर निगम, एलडीए और सिंचाई विभाग के बीच समन्वय की कमी और बाढ़ प्रभावित इलाकों में मवेशियों के लिए चारे की व्यवस्था नहीं होने का मुद्दा उठाया।
