UP News: बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने शुक्रवार (09 अक्टूबर) को BSP के संस्थापक कांशीराम को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी। भतीजे आकाश आनंद भी उनके साथ नजर आए। मायावती की तरफ से माफ किए जाने और पार्टी में वापसी के बाद यह पहला मौका है, जब आकाश बुआ मायावती के साथ दिखाई दिए।
मायावती ने सुबह 9 बजे बसपा के प्रदेश कार्यालय में कांशीराम की तस्वीर पर फूल चढ़ाए। इसके बाद उन्होंने आकाश को इशारा कर श्रद्धांजलि देने को कहा। आकाश आगे बढ़े और तस्वीर पर फूल चढ़ाए। झुककर कांशीराम को प्रणाम किया।
आकाश को दिल्ली से बुलाया
सूत्रों के मुताबिक, मायावती ने गुरुवार रात भतीजे आकाश को खासतौर पर दिल्ली से लखनऊ बुला लिया था, जबकि भाई आनंद कुमार और छोटे भतीजे ईशान आनंद दिल्ली में श्रद्धांजलि सभा के कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं।
लखनऊ में मायावती के साथ बसपा प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल और राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा भी मौजूद रहे। कांशीराम की पुण्यतिथि पर बसपा के एक लाख से ज्यादा कार्यकर्ता अंबेडकर पार्क में जुटे हैं। यहां विश्वनाथ पाल की अगुवाई में श्रद्धांजलि सहित अन्य कार्यक्रम होंगे।
मायावती बोलीं– सत्ता की मास्टर चाबी देकर शोषित से शासक बनाया
मायावती ने ‘X’ पर लिखा- कांशीराम जी ने ही सोए हुए बहुजन समाज को जगाया। देश में जाति के आधार पर सदियों से पिछड़ते गए करोड़ों दलितों, आदिवासियों और कमजोर तबकों को वोट की ताकत से सत्ता की मास्टर चाबी दी। उन्हें शोषित से शासक बनाया। उनके मिशनरी संकल्प का ही नतीजा था कि यूपी जैसे बड़े राज्य में चार बार BSP की सरकार बनी। ज्योतिबा फुले, नारायणा गुरु, छत्रपति शाहूजी महाराज और बाबा साहेब के समता-समानता के संघर्ष को हमने जमीन पर उतारा। आकाश ने मायावती के पोस्ट पर री-ट्वीट भी किया।
वहीं, दिवंगत बसपा विधायक उमाशंकर सिंह के बेटे यूकेश सिंह ने भी कांशीराम को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने ‘X’ पर लिखा- शोषितों, वंचितों के अधिकारों और सामाजिक न्याय के लिए आजीवन संघर्ष करने वाले जननायक को विनम्र श्रद्धांजलि।
आकाश की माफी के बाद मायावती ने पार्टी में वापस लिया था
मायावती ने 5 अक्टूबर को भतीजे आकाश को 31 दिन बाद BSP का राष्ट्रीय संयोजक बना दिया था। इससे पहले 3 सितंबर को उन्हें पद से हटाया था। मायावती अब तक 3 बार आकाश को पद से हटा चुकी हैं। हर बार उन्हें वापस पद दिया गया है।
