Sugar Price Update: देश में आने वाले दिनों में चीनी सस्ती हो सकती है। केंद्र सरकार ने इसके आयात को टैक्स फ्री कर दिया है। पिछले एक महीने में चीनी के दाम करीब 10% बढ़कर रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गए हैं। इस तेजी की सबसे बड़ी वजह गन्ने के रस और सिरप को बड़े पैमाने पर ‘इथेनॉल’ बनाने में डाइवर्ट करना है, जिससे घरेलू बाजार में चीनी की सप्लाई टाइट हो गई है।
इस बीच त्योहारी सीजन की मांग बढ़ने से चीनी के दाम और बढ़ रहे हैं। लगातार बढ़ते दामों को ध्यान में रखते हुए ही सरकार ने ये फैसला लिया है। ये छूट 31 अक्टूबर तक रहेगी। अभी चीनी रिटेल में ₹55 प्रति किलो के करीब बिक रही है।
चीनी की कीमतों में अचानक तेजी क्यों आ रही है?
मुख्य वजह देश में चीनी की सप्लाई का टाइट होना है। रेटिंग एजेंसी ICRA के मुताबिक, 2025-26 में भारत का ग्रॉस चीनी प्रोडक्शन लगभग 3.11 करोड़ टन रहने का अनुमान है। हालांकि, इसमें से करीब 31 लाख टन चीनी इथेनॉल बनाने में डायवर्ट हो जाएगी। इस तरह नेट चीनी उत्पादन लगभग 2.80 करोड़ टन ही रह जाएगा।
भारत में घरेलू स्तर पर सालाना करीब 2.83 करोड़ टन चीनी की खपत होती है। इसके अलावा, चालू सीजन में भारत पहले ही 7 लाख टन चीनी एक्सपोर्ट कर चुका है। ऐसे में ताजा उत्पादन घरेलू जरूरत और एक्सपोर्ट दोनों को पूरा करने के लिए काफी नहीं है।
देश में चीनी का बफर स्टॉक कम हो रहा
ICRA के अनुमान के अनुसार, सितंबर 2026 तक देश में क्लोजिंग चीनी स्टॉक घटकर करीब 43 लाख टन रह जाएगा। एक साल पहले यह 53 लाख टन था। 43 लाख टन का यह बफर स्टॉक केवल दो महीने की घरेलू खपत के बराबर है। यानी चीनी खत्म तो नहीं हो रही, लेकिन इमरजेंसी सिस्टम में बैकअप कम हो गया है।
अगस्त से नवंबर के बीच रक्षाबंधन, गणेश चतुर्थी, दिवाली और छठ पूजा जैसे त्योहारों के कारण चीनी की मांग काफी बढ़ जाती है। बिस्किट, मिठाई और कोल्ड ड्रिंक बनाने वाली बड़ी कंपनियां (बल्क बायर्स) त्योहारों से पहले एडवांस में स्टॉक जमा करती हैं। घटती सप्लाई और बढ़ती त्योहार की मांग के कारण ही कीमतें 1 महीने में 10% चढ़ गई हैं।
सरकार ने कीमतें नियंत्रित करने के लिए बनाए नियम
सरकार ने चीनी व्यापारियों और डीलरों पर स्टॉक रखने की सीमा लागू कर दी है। नए नियमों के तहत महीने में 10 मीट्रिक टन से अधिक चीनी का कारोबार करने वाले डीलर 15 दिन से अधिक की खपत का स्टॉक जमा करके नहीं रख सकते। इसके अलावा केंद्र सरकार ने दो और कदम उठाए हैं…
- चीनी के आयात को टैक्स फ्री भी कर दिया है।
- निर्यात पर 30 सितंबर 2026 तक रोक लगा दी है।
जमाखोरी रोकने के लिए नियम
- नया नियमः जमाखोरी रोकने के लिए चीनी स्टॉक की लिमिट 15 दिन की।
- किसके लिए: हर महीने 10 मीट्रिक टन से ज्यादा चीनी खरीदने वालों के लिए।
- समय सीमाः यह नियम 1 सितंबर से 30 नवंबर तक लागू रहेगा।
- पुराना नियमः चीनी व्यापारियों को 30 दिन तक का स्टॉक रखने की इजाजत थी।
- फायदा: इन पाबंदियों से चीनी सीधे और समय पर बाजार में पहुंचेगी।
