Lucknow: विश्व पर्यटन दिवस 2026 के अवसर पर पर्यटन विभाग और उत्तर प्रदेश होटल एवं रेस्टोरेंट एसोसिएशन (UPHRA) के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में पर्यटन के बदलते स्वरूप और नई संभावनाओं पर चर्चा हुई। इस दौरान पर्यटन में एआई टूल्स के बेहतर समन्वय के साथ प्राकृतिक स्थलों पर पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी लोगों से अपील की गई कि पर्यटन के दौरान किसी भी प्राकृतिक संसाधन को नुकसान न पहुंचाया जाए। उत्तर प्रदेश होटल एवं रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार जायसवाल ने कहा कि सोशल मीडिया और एआई के माध्यम से जेनरेशन-जी और जेनरेशन-अल्फा में पर्यटन के प्रति आकर्षण बढ़ा है। युवाओं में अकेले यात्रा करने यानी सोलो ट्रैवल का चलन भी बढ़ रहा है। उन्होंने सोलो ट्रैवल के दौरान महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की जरूरत बताई।

कार्यक्रम में पर्यटन विशेषज्ञों, होटल एवं आतिथ्य उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों और अन्य हितधारकों ने हिस्सा लिया। विशेषज्ञों ने डिजिटल तकनीक और एआई के बढ़ते प्रभाव के बीच प्रदेश में पर्यटन के नए अवसर, नवाचार और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया। वहीं, फिरोजाबाद के पर्यटन ग्राम अकबरपुर (नागऊ, टूंडला) में विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों के आध्यात्मिक भ्रमण और संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आर्य गुरुकुल महाविद्यालय, सिरसागंज के 115 विद्यार्थियों और पांच शिक्षकों के दल ने इसमें भाग लिया। पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने रविवार सुबह सिरसागंज से विद्यार्थियों के दल को हरी झंडी दिखाकर भ्रमण की शुरुआत कराई। विद्यार्थियों ने बाबा नीब करौरी महाराज की जन्मस्थली, मुख्य मंदिर और ऐतिहासिक डाक बंगले का भ्रमण किया।
पर्यटन मंत्री बोले- पर्यटन का स्वरूप तेजी से बदल रहा
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि, बदलते दौर में पर्यटन का स्वरूप तेजी से बदल रहा है और युवा नए अनुभवों के साथ आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों की ओर भी आकर्षित हो रहे हैं। एआई और सोशल मीडिया ने पर्यटन को नई दिशा दी है। प्रदेश सरकार का प्रयास है कि आधुनिक तकनीक के साथ पर्यटकों को सुरक्षित और बेहतर सुविधाएं मिलें। बाबा नीब करौरी महाराज जैसे आध्यात्मिक स्थलों को विकसित कर नई पीढ़ी को प्रदेश की समृद्ध विरासत से जोड़ने का काम भी लगातार किया जा रहा है।
