Politics: लोकसभा में महिलाओं की 33% भागीदारी के लिए लाए गए संविधान संशोधन विधेयक के गिरने के बाद एनडीए ने विपक्ष के खिलाफ आक्रामक अभियान चलाने का फैसला किया है। इसके तहत विपक्षी सांसदों के खिलाफ सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक अभियान चलाया जाएगा। सांसदों को उनके ही क्षेत्र में महिला अधिकारों पर बेनकाब किया जाएगा। संसद परिसर में राज्यसभा में नेता सदन जेपी नड्डा के नेतृत्व में एनडीए नेताओं की बैठक में यह रणनीति बनी। तय किया गया कि विपक्ष की जवाबदेही तय करने के लिए पूरे देश में व्यापक अभियान चलेगा। विपक्षी सांसदों के क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। एक सप्ताह में शुरू होने वाले अभियान में सोशल मीडिया पर अभियान चलाने से लेकर विपक्ष सांसदों के घेराव तक का कार्यक्रम शामिल है।
बैठक में कौन–कौन से नेता शामिल हुए?
बैठक में भाजपा की ओर से धर्मेंद्र प्रधान और अर्जुन राम मेघवाल सहित कई नेता शामिल हुए। वहीं, एनडीए के सहयोगी दलों की ओर से केंद्रीय मंत्री के राममोहन नायडू (टीडीपी), जयंत चौधरी (आरएलपी), राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह (जेडी-यू) और चिराग पासवान (एलजेपी-आरवी) भी उपस्थित थे। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा, विपक्ष ने साफ कर दिया है कि इंडिया गठबंधन महिला विरोधी है। आगामी दिनों में विपक्ष को इसका भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। हम महिला आरक्षण लागू होने तक चैन से नहीं बैठेंगे। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि कांग्रेस ने अपना महिला विरोधी चरित्र, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और ओबीसी विरोधी रवैया उजागर कर दिया है।
नितिन नवीन से गजेंद्र शेखावत तक, किसने क्या कहा?
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा, राहुल गांधी और उनकी टीम, डीएमके, तृणमूल, सपा ने जिस तरह आधी आबादी के साथ विश्वासघात किया है, वह शर्मनाक है। इस पूरे घटनाक्रम ने कांग्रेस पार्टी के महिला-विरोधी गठबंधन को पूरी तरह से बेनकाब कर दिया है। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि कांग्रेस की चालें, उसका चरित्र और उसका असली चेहरा बेनकाब हो गया है। केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने कांग्रेस और विपक्ष को महिला-विरोधी करार दिया। भाजपा सांसद गिरिराज सिंह कहा- यह नारी शक्ति की हार है। विपक्ष को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। लोजपा (आर) सांसद अरुण भारती ने कहा कि महिलाओं के समर्थन का विपक्ष का नकाब आज उतर गया है।

