UP Weather: प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ का असर अब खत्म हो रहा है। इसके प्रभाव से पिछले दिनों हुई आंधी-बारिश और बूंदाबांदी का दौर थमने के साथ ही राज्य में मौसम का मिजाज फिर बदलेगा। मौसम विभाग के अनुसार, अगले चार-पांच दिनों में अधिकतम तापमान में पांच से छह डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। यानी एक बार फिर अधिततम पारा 43-44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। लखनऊ और आसपास के करीब एक दर्जन जिलों में मौसम साफ रहेगा। उमस के साथ गर्मी परेशान करेगी। राजधानी में मंगलवार को दिनभर धूप-छांव का खेल चलता रहा।
बादलों की मौजूदगी और पुरवा हवा चलने के बावजूद तापमान में वृद्धि दर्ज की गई। साथ ही उमस भरी गर्मी बरकरार रही। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले तीन चार दिनों तक प्रदेश के दक्षिणी एवं पश्चिमी क्षेत्र के कुछ जिलों में छिटपुट बारिश हो सकती है। इस दौरान इन इलाकों में 40-50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा भी चलने के पूर्वानुमान हैं।
यूपी में देर से आएगा मानसून
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, इस साल उत्तर प्रदेश में मानसून की दस्तक में देरी होने और इसके कमजोर रहने की संभावना है। आमतौर पर 15 से 20 जून के बीच राज्य में प्रवेश करने वाला मानसून इस बार 20 से 25 जून या उसके बाद ही पहुंचने के आसार हैं। मानसून अभी तक केरल नहीं पहुंचा है। ऐसे में केरल में दस्तक देने के बाद ही मानसून की तीव्रता के बारे में कुछ कहा जा सकता है। अमूमन एक जून तक केरल में मानसून प्रवेश कर जाता है। दरअसल, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में कमजोर हवा के दबाव के कारण मानसून की शुरुआत धीमी रही है, जिसके चलते पूरे उत्तर भारत में इसके आगमन में विलंब हो रहा है। इस साल राज्य में सामान्य से कम बारिश होने की आशंका है, जिससे कई इलाकों में सूखे जैसे हालात पैदा हो सकते हैं।

