Bareilly News: श्री राम मूर्ति स्मारक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में फार्मेसी विभाग की दो दिवसीय इंटरनेशनल कांफ्रेंस में दवाओं की खोज में एआई के इस्तेमाल पर चर्चा की गई। बरेली के फार्मेसी विभाग, एसोसिएशन ऑफ फार्मास्यूटिकल टीचर्स ऑफ इंडिया (APTI), फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम तकनीकी विवि, लखनऊ (AKTU) के संयुक्त सहयोग से फार्मास्युटिकल इनोवेशन और डिजिटल इंटीग्रेशन से वैश्विक स्वास्थ्य में बदलाव विषय पर आयोजित इस गोष्ठी में ओमान के मस्कट स्थित नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के प्रोफेसर शाह आलम ने अपने व्याख्यान में अल्जाइमर बीमारी की रोकथाम पर व्याख्यान दिया।
प्रोफेसर शाह ने अल्जाइमर रोग की जटिलताओं, इसके उपचार की संभावनाओं तथा दवा खोज की प्रक्रिया में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डाला। जबकि, जामिया हमदर्द विवि नई दिल्ली की प्रोफेसर ज़ीनत इक़बाल ने “महिलाओं में प्रजनन संबंधी कैंसर के उपचार हेतु उन्नत नैनो-आधारित औषधीय चिकित्सा” विषय पर अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया।

डिजिटल हेल्थ में फार्मास्युटिकल इनोवेशन रखी गई मुख्य थीम
अंतरराष्ट्रीय गोष्ठी के संयोजक प्रो. (डॉ.) अमित कुमार शर्मा ने बताया कि गोष्ठी की मुख्य थीम डिजिटल हेल्थ में फार्मास्युटिकल इनोवेशन रखी गई है। इसका उद्देश्य फार्मास्यूटिकल विज्ञान, डिजिटल हेल्थ और स्वास्थ्य-प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नवीनतम शोध एवं प्रगति पर विचार-विमर्श के लिए अंतरराष्ट्रीय मंच उपलब्ध कराना तथा अकादमिक जगत, उद्योग, स्वास्थ्य विशेषज्ञों, नीति-निर्माताओं और विद्यार्थियों के बीच सहयोग को बढ़ावा देना है।

अंतरराष्ट्रीय गोष्ठी की सह-संयोजक प्रो. (डॉ.) नीता यादव ने बताया कि गोष्ठी के प्रमुख विषयों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं स्वास्थ्य सेवाओं में डिजिटल परिवर्तन, फार्मास्यूटिकल नैनोटेक्नोलॉजी एवं ड्रग डिलीवरी सिस्टम, बायोटेक्नोलॉजी एवं प्रिसिजन मेडिसिन, फार्मास्यूटिकल मैन्युफैक्चरिंग एंड रेगुलेटरी साइंस, क्लीनिकल फार्मेसी एवं फार्माकोलॉजी, एवं सस्टेनेबल फार्मास्यूटिकल विज्ञान शामिल हैं। गोष्ठी में एसआरएमएस ट्रस्ट के चेयरमैन देव मूर्ति, सचिव आदित्य मूर्ति, सीईटी के प्रधानाचार्य प्रो. (डॉ.) प्रभाकर गुप्ता, सह-संयोजक प्रो. (डॉ.) नीता यादव, आयोजन सचिव डॉ. राशि वर्मा भी मौजूद रहे।
