वैश्विक संकट में भारत ने 7.8% आर्थिक वृद्धि की, यह देशवासियों की मेहनत का नतीजा: PM Modi

वैश्विक संकट में भारत ने 7.8% आर्थिक वृद्धि की, यह देशवासियों की मेहनत का नतीजा: PM Modi

PM Modi on GDP: देश की आर्थिक विकास दर 7.8% रहने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार (01 सितंबर) को सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर देशवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि देशवासियों की इच्छाशक्ति, मेहनत और सामूहिक ताकत का नतीजा है।

प्रधानमंत्री ने एक बार फिर लोगों से गैर-जरूरी सोने की खरीदारी से बचने की अपील की। उन्होंने कहा, ‘अगर जरूरत न हो तो सोना नहीं खरीदना चाहिए।’ इससे पहले 11 मई को भी PM ने देशवासियों से सोना नहीं खरीदने की अपील की थी।

पीएम बोले– कुछ लोग झूठ के सहारे माहौल खराब करने में लगे

पीएम मोदी ने कहा- देश के अंदर भी कुछ लोग निराशा फैलाने और झूठ के सहारे माहौल खराब करने में लगे हैं। इन सभी चुनौतियों को पार करते हुए भारत ने 7.8% की विकास दर हासिल की है। देश को यही रफ्तार बनाए रखनी होगी और आगे भी तेजी से विकास करना होगा।

उन्होंने कहा, विदेश में घूमने के लिए यात्राएं करने और विदेश में शादी करने से बचना चाहिए। लोगों को मेक इन इंडिया के मंत्र के साथ आगे बढ़ना चाहिए। जितना ज्यादा स्वदेशी और आत्मनिर्भरता पर जोर दिया जाएगा, भारत उतनी ही मजबूती से आगे बढ़ेगा। मुझे पूरा विश्वास है कि जब भारत अपनी आजादी के 100 साल पूरे करेगा, तब देश की युवा पीढ़ी को एक विकसित भारत सौंपा जाएगा।

7.8% की ग्रोथ रेट और दुनिया की चुनौतियां

PM ने कहा, मेरे साथी नागरिकों को दिल से बधाई। 7.8% की ग्रोथ रेट-पूरा देश खुशी से भर गया है। मैं इस देश के लोगों को उनके पक्के इरादे और मेहनत की भावना के लिए बधाई देता हूं; यह हमारी सबकी ताकत दिखाता है। दुनिया लड़ाई में फंसी हुई है; हर तरफ से जंग की खबरें आ रही हैं, और दुनिया मुश्किलों से घिरी हुई है। सप्लाई चेन बुरी तरह से रुकी हुई हैं। 2020 के COVID दौर से, हर जगह स्थिरता मुश्किल रही है। फिर भी, भारत तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।

निराशा फैलाने वालों को पीएम का जवाब

देश के भीतर उठने वाले आलोचनात्मक सुरों पर निशाना साधते हुए पीएम ने कहा, “इस बीच, देश के अंदर कुछ लोग निराशा की खाई में फंसे हुए हैं, झूठ बोल रहे हैं और निराशा फैला रहे हैं। इन सबसे ऊपर उठकर और इन मुश्किलों को पार करते हुए, देश ने 7.8% की ग्रोथ रेट हासिल की है। हमें इस रफ़्तार को बनाए रखना होगा। हमें आगे बढ़ते रहना होगा, और इसके लिए आत्मनिर्भर भारत बनना ज़रूरी है।

‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘वेड इन इंडिया’ का मंत्र

प्रधानमंत्री ने देशवासियों से अपनी जीवनशैली में कुछ बदलाव करने का आग्रह करते हुए कहा, … हमें ‘स्वदेशी’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ का मंत्र अपनाना चाहिए। हमें सिर्फ़ मौज-मस्ती के लिए विदेश जाने या विदेश में शादियां करने से बचना चाहिए; इसके बजाय, हमें ‘भारत में शादियां’ के मंत्र पर चलना चाहिए। हमें सोना खरीदने से भी बचना चाहिए जब तक बहुत ज़रूरी न हो। हम जितना ज़्यादा ‘स्वदेशी’ और आत्मनिर्भरता पर ज़ोर देंगे, मुझे उतना ही भरोसा है कि आज़ादी के 100 साल पूरे होने तक, हम अपने युवाओं को ‘विकसित भारत’ सौंप देंगे।

विकसित भारत और 1.4 बिलियन भारतीयों की ताकत

युवाओं और भविष्य के सपनों पर बात करते हुए पीएम ने कहा, आज अपनी कड़ी मेहनत से, हम अपनी युवा पीढ़ी के सपनों को ज़रूर पूरा करेंगे। आइए हम अपनी कोशिशों में कोई कसर न छोड़ें। हमारी पॉलिसी सही हैं, और हमारे इरादे नेक हैं। 1.4 बिलियन भारतीयों की मिली-जुली ताकत देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए एकजुट हो रही है। आइए जश्न मनाएं, पक्का इरादा करें, और उस इरादे को हकीकत में बदलने के लिए मिलकर आगे बढ़ें।

आपके काम की बात

प्रधानमंत्री मोदी का यह संदेश साफ करता है कि 7.8% की विकास दर केवल एक आंकड़ा नहीं है, बल्कि यह भारतीयों के परिश्रम का परिणाम है। पीएम ने ‘स्वदेशी’ और ‘आत्मनिर्भरता’ को विकसित भारत का मूल मंत्र बताया है। उनके अनुसार, अगर हम अपनी परंपराओं और स्थानीय संसाधनों पर भरोसा करेंगे, तो भारत को दुनिया की सबसे बड़ी आर्थिक महाशक्ति बनने से कोई नहीं रोक पाएगा।

सोने का आयात कम हो तो रुपया मजबूत होता है

भारत अपने इस्तेमाल का करीब 99% सोना विदेशों से खरीदता है। 2025-26 में सोने का ये इम्पोर्ट बिल करीब 6.4 लाख करोड़ रुपये का था।

भारत को विदेश से सोना खरीदने पर विदेशी मुद्रा डॉलर में भुगतान करना पड़ता है। जब हम सोना कम खरीदते हैं, तो देश का विदेशी मुद्रा भंडार सुरक्षित रहता है और डॉलर की मांग कम हो जाती है। डॉलर की मांग घटने से विदेशी मुद्रा बाजार में रुपए पर दबाव कम होता है, जिससे रुपया डॉलर के मुकाबले मजबूत बना रहता है।

रुपया मजबूत हो तो महंगाई कम होती है

रुपए के मजबूत होने से कच्चे तेल और अन्य जरूरी चीजों का आयात सस्ता हो जाता है, क्योंकि भारत को इनके भुगतान के लिए कम रुपए खर्च करने पड़ते हैं। इससे देश में महंगाई को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है।

सोना की जगह ETF में निवेश कर सकते हैं

फिजिकल गोल्ड (जैसे गहने या सिक्के) के मुकाबले ETF में निवेश करना अधिक सुरक्षित और फायदेमंद है। जैसे इसकी चोरी का डर नहीं होता। लॉकर का खर्च नहीं लगता।

भारत ने इस साल 4.76% कम सोना खरीदा

2025-26 में भारत ने पिछले कारोबारी साल के मुकाबले 4.76% कम सोना खरीदा, लेकिन सोने के इम्पोर्ट बिल में 24% तक का उछाल आया। इसकी सबसे बड़ी वजह थी- सोने की तेजी से बढ़ती कीमतें। अभी सोने की कीमत करीब 1.43 लाख डॉलर प्रति किलो है।

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