US Iran War Update: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को दावा किया है कि अमेरिका ने ईरान के साथ युद्ध खत्म कर दिया है। एक वर्चुअल रैली में उन्होंने अपने समर्थकों से यह बात कही। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान कभी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा। हालांकि, ईरान ने ट्रंप के इस दावे को खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघई ने कहा कि शांति समझौते पर अभी कोई आखिरी फैसला नहीं लिया गया है।
इससे पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से कहा था कि सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई ने नई डील को मंजूरी कर लिया है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के साथ शांति समझौते पर इसी सप्ताह यूरोप में साइन हो सकता है। अगर सब कुछ ठीक रहा तो उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी इसमें शामिल होंगे।
ट्रंप का दावा- आज ईरान के साथ युद्ध खत्म कर दिया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका ने आज ईरान के साथ युद्ध खत्म कर दिया है। सीनेट उम्मीदवार बैरी मूर के समर्थन में आयोजित एक टेली-रैली में ट्रंप ने कहा, “ईरान ने कभी परमाणु हथियार नहीं बनाने पर सहमति जताई है और हम इसी पर अड़े हुए थे। आज हमने ईरान के साथ मामला सुलझा लिया। हमने एक शानदार समझौता किया है। यह लगभग पूरा हो चुका है। हमें वह सब मिल गया जो हम चाहते थे।”
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर इसी वीकेंड हस्ताक्षर हो सकते हैं। समझौता होने पर होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही फिर शुरू हो सकती है। हालांकि, ईरान ने अभी किसी अंतिम समझौते की पुष्टि नहीं की है। तेहरान का कहना है कि प्रस्ताव अब भी समीक्षा के दौर में है और कुछ अहम मुद्दों पर फैसला बाकी है। ट्रंप ने दावा किया कि समझौते के तहत ईरान के पास न तो परमाणु हथियार होंगे और न ही वह उन्हें खरीदेगा।
ट्रंप के दावे पर ईरान का जवाब- अभी कोई समझौता नहीं
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बड़ा समझौता होने के दावे को ईरान ने खारिज कर दिया है। तेहरान का कहना है कि अमेरिका के साथ अभी कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघई ने कहा कि समझौते का मसौदा अभी देश की संबंधित संस्थाओं के पास समीक्षा के लिए है और इस पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
U.S. President #DonaldTrump said the United States and Iran could sign a peace agreement as early as this weekend, a move that could lead to the reopening of shipping through the Strait of Hormuz. Trump made the announcement after calling off planned military strikes on Iran,… pic.twitter.com/HT9IytE6YP
— DD News (@DDNewslive) June 12, 2026
उन्होंने कहा, यह बेहद महत्वपूर्ण मुद्दा है, जिस पर संबंधित निर्णय लेने वाली संस्थाएं विचार कर रही हैं। बघाई ने बताया कि बातचीत के मसौदे का बड़ा हिस्सा तय हो चुका है, लेकिन अमेरिका ने वार्ता के दौरान कई बार अपना रुख बदला।
मिस्र ने अमेरिका और ईरान से शांति समझौते की अपील की
मिस्र ने अमेरिका और ईरान से जारी बातचीत को आगे बढ़ाकर लंबित मुद्दों का समाधान निकालने और युद्ध खत्म करने की दिशा में कदम बढ़ाने की अपील की है। मिस्र के विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा कि अमेरिका का ईरान पर प्रस्तावित सैन्य हमला रद्द करने की घोषणा का स्वागत किया है।
मंत्रालय ने उम्मीद जताई कि दोनों पक्ष मौजूदा अवसर का फायदा उठाकर सभी विवादित मुद्दों पर अंतिम समझौते तक पहुंचेंगे और क्षेत्र में स्थिरता का नया दौर शुरू होगा। बयान में कहा गया कि मिस्र क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर तनाव कम करने के लिए लगातार गंभीर और ईमानदार प्रयास कर रहा है।
रिपोर्ट- अमेरिका-ईरान समझौते में लेबनान से इजराइल की पूरी वापसी की शर्त
लेबनाना के अल-अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित समझौते में इजराइल को लेबनान में अपनी सैन्य कार्रवाई पूरी तरह रोकनी होगी। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि समझौते के तहत इजराइल को दक्षिणी लेबनान में कब्जा किए गए सभी इलाकों से पीछे हटना होगा और वहां तैनात सैनिकों को तेजी से वापस भी आना होगा।
इसके अलावा लेबनान में सभी हवाई और सैन्य हमले बंद करने की शर्त भी बताई गई है। हालांकि, इस कथित समझौते की शर्तों की अमेरिका, इजराइल या ईरान की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
रिपोर्ट- ईरान पर हमले से 3 घंटे पहले ट्रम्प ने बदला फैसला
अमेरिकी सेना ईरान पर नए हमले शुरू करने से करीब 3 घंटे दूर थी, तभी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कार्रवाई रोकने का आदेश दे दिया। NBC न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, हमले के लिए अमेरिकी सेना लक्ष्य तय कर चुकी थी। अमेरिकी नौसेना ने भी ऑपरेशन की तैयारी पूरी कर ली थी और हथियार तैनात कर दिए गए थे।
राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया था कि अमेरिका जल्द ही खार्ग आइलैंड पर नियंत्रण कर लेगा, लेकिन यह द्वीप कथित तौर पर संभावित लक्ष्यों की सूची में शामिल नहीं था। NBC न्यूज ने यह भी दावा किया कि ट्रम्प के अचानक फैसला बदलने और हमले रद्द करने से अमेरिकी सैन्य अधिकारियों में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई।

