America-Iraq Deal: प. एशिया में जारी तनाव के बीच अमेरिका और इराक ने करीब 60 अरब डॉलर के बड़े समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। इन समझौतों का सबसे अहम मकसद तेल और गैस की आपूर्ति के लिए नए रास्ते तैयार करना है, ताकि दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति केवल होर्मुज जलडमरूमध्य पर निर्भर न रहे। अमेरिकी चैंबर ऑफ कॉमर्स में हुए इस समझौते में ऊर्जा के अलावा स्वास्थ्य, संचार और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई बड़े निवेश भी शामिल हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ये परियोजनाएं समय पर पूरी होती हैं, तो वैश्विक तेल बाजार को एक नया और सुरक्षित विकल्प मिल सकता है।
इराक ने अमेरिकी कंपनियों को दिया निवेश का न्योता
इराकी प्रधानमंत्री अली फलाह अल जैदी ने अमेरिकी ऊर्जा कंपनियों से देश में निवेश बढ़ाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इराक केवल ठेकेदार नहीं, बल्कि लंबे समय तक साथ निभाने वाले निवेश साझेदार चाहता है। इसी कड़ी में अमेरिकी ऊर्जा कंपनी शेवरॉन ने इराक सरकार के साथ तीन अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। इनमें दो परियोजनाएं तेल उत्पादन बढ़ाने से जुड़ी हैं, जबकि तीसरी परियोजना नई निर्यात पाइपलाइन विकसित करने पर केंद्रित है।
डील से जुड़ी पांच बड़ी बातें
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अमेरिका और इराक के बीच करीब 60 अरब डॉलर के समझौते।
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नई पाइपलाइन के जरिए तेल आपूर्ति के वैकल्पिक रास्तों पर काम।
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होर्मुज जलडमरूमध्य पर निर्भरता कम करने की कोशिश।
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शेवरॉन समेत कई अमेरिकी कंपनियों का बड़ा निवेश।
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वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और तेल बाजार पर पड़ सकता है बड़ा असर।
