UP Supplementary Budget 2026: सड़क से बिजली विभाग तक…जानें अनुपूरक बजट में किस पर रहा ज्‍यादा फोकस?

UP Supplementary Budget 2026: सड़क से बिजली विभाग तक...जानें अनुपूरक बजट में किस पर रहा ज्‍यादा फोकस?

UP Anupurak Budget 2026-27: यूपी विधानसभा मानसून सत्र में मंगलवार को वित्‍त मंत्री सुरेश खन्‍ना ने राज्‍य का अनुपूरक बजट 2026-27 पेश किया। वित्तीय वर्ष 2026-2027 के लिए पेश किए गए अनुपूरक बजट में राज्य सरकार ने औद्योगिक विकास, बुनियादी ढांचे और ऊर्जा क्षेत्र पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है। इस बजट की कुल अनुपूरक मांग 59,019।54 करोड़ रुपये है, जिसमें लगभग 41,620।04 करोड़ रुपये पूंजीगत और 17,399।50 करोड़ रुपये राजस्व मद में हैं। यानी सरकार का सबसे बड़ा फोकस इंफ्रास्ट्रक्चर और पूंजीगत निवेश पर है।

यूपी बजट का राजनीतिक और आर्थिक विश्लेषण किया जाए तो सबसे अधिक पैसा सड़क और एक्सप्रेसवे नेटवर्क पर लगाया गया है। जेवर एयरपोर्ट को पूरे पश्चिमी यूपी के विकास मॉडल का केंद्र बनाया जा रहा है। पूर्वांचल में विंध्य एक्सप्रेसवे के जरिए नया विकास कॉरिडोर तैयार करने की रणनीति भी इस बजट में दिखती है। उद्योग और एक्सप्रेसवे को एक साथ जोड़कर निवेश आकर्षित करने पर जोर दिया गया है। ग्रामीण विकास की बात करें तो बड़ा पूंजीगत खर्च चुनावी साल से पहले गांवों में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए भी दिया गया है। वहीं, ऊर्जा क्षेत्र में डिस्कॉम को राहत देकर बिजली आपूर्ति को स्थिर रखने की कोशिश गई है।

सड़क, हाईवे और एक्सप्रेसवे पर सबसे बड़ा फोकस

पूरे अनुपूरक बजट में सड़क एवं एक्सप्रेसवे से जुड़ी परियोजनाओं पर लगभग 15,690 करोड़ रुपये का नया पूंजीगत प्रावधान किया गया है, जो पूरे बजट का सबसे बड़ा हिस्सा है। परियोजना वार आवंटन देखे जाएं तो एक्सप्रेसवे किनारे Industrial Corridor के लिए 200 करोड़, जेवर एयरपोर्ट से गंगा एक्सप्रेसवे लिंक के लिए 250 करोड़, आगरा-लखनऊ से गंगा एक्सप्रेसवे (हरदोई-फर्रुखाबाद) के लिए 400 करोड़, गंगा एक्सप्रेसवे से विंध्य एक्सप्रेसवे निर्माण के लिए 6,580 करोड़, मेरठ-हरिद्वार गंगा एक्सप्रेसवे विस्तार के लिए 5,780 करोड़, विंध्य एक्सप्रेसवे पूर्वांचल लिंक स्पर को 2,380 करोड़ और नोएडा शाहदरा ड्रेन एलिवेटेड फ्लाईओवर के लिए 100 करोड़ रुपये दिए गए हैं।

चुनावी साल से पहले अगर इसे राजनीतिक नजरिये से देखा जाए तो पूर्वांचल पर सरकार ने फोकस किया है। सबसे बड़ा निवेश प्रयागराज, मिर्जापुर, वाराणसी, चंदौली और सोनभद्र को जोड़ने वाले विंध्य एक्सप्रेसवे पर है। यानी भाजपा सरकार अब गंगा एक्सप्रेसवे के बाद पूरे पूर्वांचल को हाई-स्पीड कॉरिडोर से जोड़ना चाहती है।

जेवर एयरपोर्ट पर भी खासा फोकस

वहीं, अगर पश्चिमी यूपी की बात करें मेरठ-हरिद्वार एक्सप्रेसवे के लिए लगभग 5,780 करोड़ का प्रावधान साफ संकेत देता है कि पश्चिमी यूपी को चुनाव से पहले बड़ी सड़क परियोजना मिलने जा रही है। जेवर एयरपोर्ट पर भी सरकार का खासा फोकस है। जेवर एयरपोर्ट से सीधे गंगा एक्सप्रेसवे तक ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के लिए 250 करोड़ रुपये रखे गए हैं। इससे एयरपोर्ट, यमुना एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे का नेटवर्क जुड़ जाएगा।

नोएडा पर भी सरकार ने खास फोकस किया है। इसके तहत दिल्ली-मयूर विहार से सेक्टर-14A होते हुए एमपी-3 रोड तक एलिवेटेड फ्लाईओवर के लिए 100 करोड़ रुपये रखे गए हैं। यह नोएडा ट्रैफिक के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण परियोजना है।

PWD के लिए

लोक निर्माण विभाग के लिए राजस्व मद 700 करोड़ रुपये तो पूंजीगत प्रतीकात्मक 1 लाख रुपये रखे गए हैं। यह दिखाता है कि बड़ी सड़क परियोजनाओं का वास्तविक वित्तपोषण उद्योग विभाग के माध्यम से एक्सप्रेसवे परियोजनाओं में दिखाया गया है।

उद्योग विभाग

उद्योग विभाग को पूरे बजट का दूसरा सबसे बड़ा लाभार्थी विभाग रखा गया है। इसमें कुल एक्‍स्‍ट्रा प्रावधान 22,208।89 करोड़ रुपये रखा गया है। इसमें FDI एवं Fortune-500 निवेश नीति के लिए 1302।61 करोड़, अटल इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के लिए 1500 करोड़, BHAVYA Industrial Scheme के लिए 495।86 करोड़, मुख्यमंत्री औद्योगिक क्षेत्र विस्तार को 3000 करोड़ (कर्ज), IT सदन को 50।02 करोड़, State Data Centre 2।0 के लिए 51 करोड़, Industrial Corridors को 200 करोड़ दिए गए हैं।

ऊर्जा विभाग के लिए

ऊर्जा विभाग के लिए कुल अतिरिक्त 7358 करोड़ रुपये रखे गए हैं, जिसमें राजस्व 6958 करोड़ तो पूंजीगत 400 करोड़ हैं। इसके तहत REVAMP योजना के तहत बिजली वितरण कंपनियों को 6958 करोड़, मेजा II तापीय परियोजना के लिए 400 करोड़, बॉन्ड ब्याज के लिए 64।27 करोड़ रखे गए हैं। इससे साफ है कि सरकार डिस्कॉम की वित्तीय स्थिति सुधारने पर बड़ा खर्च कर रही है।

ग्रामीण विकास

ग्रामीण विकास के तहत पूंजीगत 14,184।72 करोड़ रुपये रखे गए हैं। यह पूरे बजट का दूसरा सबसे बड़ा पूंजीगत निवेश है। यह रकम ग्रामीण आवास, ग्राम अवसंरचना और ग्रामीण विकास योजनाओं पर केंद्रित है।

समाज कल्याण

समाज कल्‍याण की SC विशेष घटक योजना के लिए 3859 करोड़, SC Housing के लिए 745 करोड़ तो Tribal Welfare के लिए 255 करोड़ रखे गए हैं।

कृषि विभाग

अनुपूरक बजट में कृषि क्षेत्र को केवल परंपरागत खेती तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने, बागवानी को बढ़ावा देने और फसलों की बेहतर कीमत सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है। सरकार ने भामाशाह भाव स्थिरता कोष के लिए 1,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, ताकि किसानों को बाजार में कीमत गिरने की स्थिति में राहत मिल सके। वहीं निजी कोल्‍ड स्‍टोरेज में रखे आलू के भंडारण शुल्क पर सब्सिडी के लिए भी 1,000 करोड़ रुपये दिए गए हैं, जिससे खासकर पश्चिमी और मध्य यूपी के आलू किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना के लिए 200 करोड़ रुपये, Environmental Forestry के तहत फलदार पौधों के रोपण के लिए 100 करोड़ रुपये और मुख्यमंत्री रेशम विकास योजना के लिए करीब 141 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा आगरा के अंतरराष्ट्रीय आलू केंद्र (CIP-SARC) के संपर्क मार्ग के निर्माण और भूमि खरीद के लिए भी राशि दी गई है।

स्वास्थ्य विभाग

स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकार ने इलाज की सुविधाएं बढ़ाने के साथ-साथ स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने पर जोर दिया है। चिकित्सा एवं लोक स्वास्थ्य के लिए 1,120 करोड़ रुपये से अधिक और परिवार कल्याण के लिए 804 करोड़ रुपये का एक्‍स्‍ट्रा प्रावधान किया गया है। पूंजीगत मद में मेडिकल भवनों और स्वास्थ्य इंफ्रा के निर्माण के लिए भी करीब 160 करोड़ रुपये से अधिक की व्यवस्था की गई है।

शिक्षा विभाग

शिक्षा क्षेत्र में अनुपूरक बजट का फोकस स्कूलों और उच्च शिक्षण संस्थानों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर दिखाई देता है। प्राथमिक शिक्षा के लिए लगभग 351 करोड़ रुपये, माध्यमिक शिक्षा के लिए 74।50 करोड़ रुपये की पूंजीगत राशि और उच्च शिक्षा के लिए 5 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है। वहीं तकनीकी शिक्षा के लिए भी 521 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है, जिसमें अधिकांश राशि नए भवनों और संस्थागत ढांचे के विकास पर खर्च होगी।

पुलिस और गृह विभाग

इस अनुपूरक बजट में पुलिस विभाग के लिए किसी बड़े नए भर्ती कार्यक्रम या आधुनिक हथियारों जैसी अलग योजना का उल्लेख नहीं है, लेकिन गृह विभाग के तहत होमगार्ड के लिए 35।50 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है। इसके अलावा प्रशासनिक सेवाओं, सचिवालय और सरकारी व्यवस्थाओं के लिए भी अतिरिक्त राशि रखी गई है।

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