Rahul Gandhi Akhilesh Yadav News: देश की शीर्ष अदालत में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्ष के नेताओं के सुप्रीम कोर्ट आने पर हुए हंगामे और नारेबाजी के खिलाफ याचिका दाखिल हुई है। इसमें इन नेताओं के खिलाफ अवमानना का मुकदमा चलाने और राजनीति के लिए कोर्ट परिसर का इस्तेमाल रोकने समेत कई मांगें की गई हैं। सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर गुरुवार (15 अक्टूबर) को सुनवाई की सहमति दी है।
वकील दिगंत मिश्रा और दिव्यांश बिष्ट की तरफ से दाखिल याचिका को वरिष्ठ वकील गौरव भाटिया ने चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली बेंच के सामने रखा। उन्होंने कहा कि यह कोर्ट की गरिमा से जुड़ा अहम मामला है। 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट परिसर में जिस तरह की गतिविधियां हुई हैं, उन पर संज्ञान लिया जाना चाहिए।
याचिका में क्या है दावा?
शुरू में जजों ने उनसे सुनवाई का अनुरोध बुधवार को रखने के लिए कहा। बाद में कोर्ट ने कहा कि याचिका को गुरुवार को सुनवाई के लिए लगाया जाएगा। याचिका में कहा गया है कि सैकड़ों की भीड़ का कोर्ट परिसर में घुस आना और नारेबाजी करना न्यायिक कामकाज में बाधा डालने वाली बात है। इसके लिए जिम्मेदार राजनीतिक नेताओं के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्रवाई शुरू की जानी चाहिए। याचिकाकर्ताओं ने घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज और रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की मांग की है।
याचिका में कोर्ट में विचाराधीन मामलों में राजनीतिक दखलंदाजी पर चिंता जताई गई है। याचिकाकर्ताओं ने मांग की है कि कोर्ट परिसर में राजनीतिक प्रदर्शनों पर रोक लगे। साथ ही, अदालतों के पास प्रदर्शन के लिए निष्पक्ष नियम बनाए जाएं।
किन्हें बनाया पक्ष?
याचिका में केंद्र सरकार, दिल्ली पुलिस कमिश्नर और सुप्रीम कोर्ट को पक्ष बनाया गया। इनके अलावा राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका वाड्रा, अखिलेश यादव औ महुआ मोइत्रा को प्रतिवादी बनाया गया है।
मामला सोमवार को INDIA गठबंधन के नेताओं के सुप्रीम कोर्ट तक मार्च से जुड़ा है। 11 विपक्षी नेताओं ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्ष (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कथित एकतरफा फैसलों के खिलाफ याचिका दाखिल की है। इसी सिलसिले में यह नेता सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे। इस दौरान कोर्ट परिसर में उनके सैकड़ों समर्थक घुस गए और नारेबाजी की।
