UP Vidhansabha Monsoon Session 2026: उत्तर प्रदेश विधानमंडल के मानसून सत्र की कार्यवाही सोमवार (03 जुलाई) से शुरू हो गई है। इससे पहले आज सुबह साढ़े 10 बजे सपा विधायकों ने विधानसभा के बाहर राम मंदिर चढ़ावा चोरी और नीट पेपर लीक को लेकर प्रदर्शन किया। सपाई दानपेटी में चिल्लर भरकर पहुंचे। हाथों में पोस्टर थे, जिन पर लिखा था- ‘नीट है या चीट है’, ‘राम के नाम पर लूट है’।
उत्तर प्रदेश विधानसभा में समाजवादी पार्टी के विधायकों ने भाजपा सरकार में हुई रामधन की लूट, पेपर लीक, किसानों की समस्या, विफल कानून व्यवस्था, महिला सुरक्षा जैसे तमाम जनहित के मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। pic.twitter.com/UqunhGURaC
— Samajwadi Party (@samajwadiparty) August 3, 2026
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा- जिन लोगों के समय किसानों के हितों पर कुठाराघात हुआ, आज वही लोग किसानों की बात कर रहे हैं। उनका दोहरा चरित्र देखिए। इन लोगों ने राम भक्तों पर गोलियां चलवाई थीं। आज राम मंदिर की बात कर रहे हैं। जनता इन्हें देख रही है। उन्होंने कहा- विपक्ष के साथी नकारात्मकता छोड़कर सकारात्मक चर्चा करें। आउटसोर्स भर्ती निगम के जरिए अगले सप्ताह से भर्ती की प्रक्रिया शुरू करेंगे। 7 अगस्त से विधायक भी कांवड़ियों का स्वागत करेंगे।
लखनऊ-
CM योगी का बयान – pic.twitter.com/xXnTmj0dQ1
— Gaurav Singh Sengar (@sengarlive) August 3, 2026
आलमबदी के निधन पर शोक
विधानसभा में देश के सबसे उम्रदराज सपा विधायक आलमबदी के निधन पर शोक प्रस्ताव रखा गया। आलमबदी की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। सीएम योगी, नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय, कांग्रेस नेता आराधना मिश्रा मोना सहित सभी दलों के नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। आजमगढ़ की निजामाबाद सीट से सपा विधायक आलमबदी का निधन 22 जुलाई को हुआ था।
मानसून सत्र सत्र 4 दिनों यानी 06 जुलाई तक चलेगा। मंगलवार को प्रश्नकाल के बाद संसदीय कार्य और वित्त मंत्री सुरेश खन्ना वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट पेश करेंगे। 9 अध्यादेश भी पारित हो सकते हैं। संभल दंगों की जांच के लिए गठित न्यायिक जांच आयोग की रिपोर्ट भी पेश की जाएगी।
विधानसभा में सपा विधायक आलमबदी को श्रद्धांजलि दी गई
विधानसभा में देश के सबसे उम्रदराज सपा विधायक आलमबदी के निधन पर शोक प्रस्ताव रखा गया। आलमबदी की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। सीएम योगी, नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय, कांग्रेस नेता आराधना मिश्रा मोना सहित सभी दलों के नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। आजमगढ़ की निजामाबाद सीट से सपा विधायक आलमबदी का निधन 22 जुलाई को हुआ था।
नेता प्रतिपक्ष बोले– आलम बदी जिद्दी भी थे
नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि आलम बदी जिद्दी भी थे। एक बार उन्होंने सदन में उर्दू में शपथ लेने की जिद की थी। उन्हें बहुत समझाया, लेकिन नहीं माने। 90 साल की उम्र में भी चुनाव लड़ने का जुनून था।
अपना दल (एस) की ओर से राम निवास वर्मा, रालोद की ओर से राजपाल बालियान, सुभासपा के ओम प्रकाश राजभर, निषाद पार्टी के संजय निषाद और कांग्रेस की आराधना मिश्रा मोना ने भी शोक प्रस्ताव पेश किया।
विधानसभा अध्यक्ष ने आलमबदी से जु़ड़ा किस्सा सुनाया
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने आलमबदी से जुड़ा किस्सा सुनाया। उन्होंने कहा- एक बार मैंने प्रोफेशन वाइज मीटिंग की थी। इसमें इंजीनियर्स को बुलाया था। तब उन्होंने कहा- मैंने 1962 में इंजीनियरिंग की थी। आपने मुझे याद दिला दिया कि मैं इंजीनियर हूं। ये उनकी सहजता थी। उन्होंने अपना जीवन सादगी से जिया।
आलमबदी के निधन पर योगी बोले– प्रदेश ने एक कुशल राजनीतिज्ञ को खो दिया
सीएम योगी ने कहा, आलमबदी उस उम्र में भी राजनीतिक रूप से सक्रिय थे। उनकी शिक्षा के प्रसार में रुचि थी। वह एक व्यवहार कुशल और लोकप्रिय जनप्रतिनिधि थे। उनके निधन से प्रदेश ने एक कुशल राजनीतिज्ञ और समाजसेवी को खो दिया है। मैं उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।
सीएम योगी ने विधानसभा के पूर्व सदस्यों के निधन पर शोक प्रस्ताव पढ़ा
सीएम योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा के पूर्व सदस्यों के निधन पर शोक प्रस्ताव पढ़ा। बलिया के पूर्व विधायक भोला पांडेय, आगरा के अमिताभ लवानिया, गाजीपुर के सुवाराम, जौनपुर के जगन्नाथ चौधरी, महराजगंज के राम प्यारे आजाद, आंबेडकर नगर के गोपीनाथ वर्मा, बिजनौर के यशपाल सिंह, सिराथू के राधेश्याम भारती, बाराबंकी के संग्राम सिंह, बलिया के हरिनारायण राजभर और ललितपुर के भगवंत दयाल के निधन पर शोक प्रकट किया।
