PM Modi speech on Independence Day 2026: क्या है सप्तधारा, जिसके बारे में पीएम मोदी ने लाल किले से की बात

PM Modi speech on Independence Day 2026: क्या है सप्तधारा, जिसके बारे में पीएम मोदी ने लाल किले से की बात

Independence Day 2026: स्वतंत्रता दिवस 2026 पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने सप्तधारा की बात की। उन्होंने कहा कि इसके जरिए वह सब हासिल किया जा सकेगा, जो पिछले पांच से सात दशक में नहीं मिला। इस दौरान उन्होंने युवाओं को एआई ट्रेनिंग देने और छात्रों को फ्री ऑनलाइन कोचिंग देने की भी बात कही। अपने 12 साल के कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाते हुए प्रधानमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कांग्रेस की पिछली सरकारों पर खुलकर निशाना साधा।

पीएम ने कहा, आज, लाल किले की प्राचीर से, मैं देश से सप्त धाराओं यानी ताकत की सात धाराओं का इस्तेमाल करने की अपील करता हूं। अगले पांच से सात सालों में, हम वो हासिल करेंगे जो पिछले पांच से सात दशकों में हासिल नहीं हो सका। सप्त धाराओं की ताकत और क्षमता के साथ, हम देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे, इसे नई गति देंगे, और इसे नए लक्ष्य हासिल करने और उनसे आगे निकलने के लिए सशक्त बनाएंगे। इसके साथ ही, हमारे युवाओं की अपार क्षमता का देश बनाने में पूरी तरह से इस्तेमाल किया जाएगा। उनकी ऊर्जा, प्रतिभा और ताकत को एक साथ लाया जाएगा और एक मजबूत और ज्यादा विकसित भारत बनाने की दिशा में लगाया जाएगा।

सप्तधारा की सात अहम बातें

  • पीएम ने कहा, आज, लाल किले की प्राचीर से, मैं देश से शक्ति की सप्तधारा अपनाने की अपील करता हूं। जब मैं सप्तधारा की बात करता हूं, तो पहली ताकत हमारी मैन्युफैक्चरिंग पावर है। हमें एक पूरी वैल्यू चेन बनानी होगी। डिजाइन से लेकर मैन्युफैक्चरिंग तक, भारत को दुनिया के लिए एक भरोसेमंद ग्लोबल सप्लाई चेन पार्टनर के तौर पर खुद को बनाना होगा। हमें कॉस्ट, क्वालिटी और स्केल के ग्लोबल स्टैंडर्ड तक पहुंचना होगा।

  • पीएम ने कहा, इस सप्तधारा की दूसरी ताकत खेती और खाने का उत्पादन है। आज, ग्लोबल मार्केट खुल रहे हैं, और एफटीए के जरिए, हमें बहुत बड़े नए मार्केट तक पहुंच मिल रही है। चाहे हमारे मसाले हों या बाजरा, उन्हें ग्लोबल ब्रांड बनना होगा।

  • सप्तधारा की तीसरी ताकत टेक्नोलॉजी और इनोवेशन है। यह रोबोटिक्स, AI, क्वांटम टेक्नोलॉजी, स्पेस और डेटा सेंटर्स का ज़माना है। नई टेक्नोलॉजी नई चुनौतियां पेश कर रही हैं, और हमें इनोवेशन का ग्लोबल हब बनना होगा। हम UPI और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए अपनी ताकत पहले ही दिखा चुके हैं। अब, हमें अगली पीढ़ी की कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी में अगला कदम उठाना होगा।

  • सप्त धारा की चौथी शक्ति है गति-शक्ति, यानी देश में बिना रुकावट तेज़ कनेक्टिविटी। हमें बिना रुकावट हाई-स्पीड रेल कनेक्टिविटी, मॉडर्न हाईवे कनेक्टिविटी, इनलैंड वॉटरवे, एयरपोर्ट, मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स हब और पोर्ट चाहिए। हमें पोर्ट-लेड डेवलपमेंट की दिशा में काम करना होगा।

  • पांचवीं शक्ति है डिफेंस प्रोडक्शन, जिसमें हमें आत्मनिर्भर बनना होगा और ग्लोबल सप्लायर बनने का लक्ष्य रखना होगा।

  • सप्तधारा की छठी ताकत ग्रीन और ब्लू इकॉनमी है। भारत को ग्रीन हाइड्रोजन, रिन्यूएबल एनर्जी और एनर्जी स्टोरेज में ग्लोबल लीडरशिप हासिल करनी चाहिए, साथ ही ग्लोबल चुनौतियों का सॉल्यूशन भी देना जारी रखना चाहिए। ब्लू इकॉनमी भी फिशरीज, कोस्टल टूरिज्म और ओशन टेक्नोलॉजी में बहुत सारे मौके देती है, जिससे भारत की ग्रोथ के लिए नए रास्ते खुलते हैं।

  • सप्तधारा की सातवीं धारा है- भारत का सॉफ्ट पावर। आज योग ने पूरी दुनिया को भारत के साथ जोड़कर रखा हुआ है। योग दुनिया के लिए ऊर्जा बनता जा रहा है, भारत के लिए विश्वास का बड़ा कारण बनता जा रहा है।

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