UP News: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे शुरू होने के सिर्फ 22 दिन बाद ही इसकी गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। एक्सप्रेसवे पर आठ स्थानों पर सड़क उखड़ने और धंसने की घटनाएं सामने आई हैं। क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत जारी है। इसी दौरान मरम्मत वाले हिस्से को बारिश के बाद जल्दी सुखाने के लिए लगाए गए पंखों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद मामला राजनीतिक बहस का विषय बन गया।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर भाजपा सरकार पर तंज कसा। उन्होंने लिखा कि यह “भाजपाई तरक्की की नई हवा” है। उनका कहना था कि कुछ ही दिन पहले उद्घाटन हुए एक्सप्रेसवे को इतनी जल्दी मरम्मत की जरूरत पड़ना गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने यह भी पूछा कि यदि 2-3 सप्ताह में ही सड़क की हालत खराब हो गई, तो लोग इस पर सफर का जोखिम कैसे उठाएंगे।
ये है भाजपाई तरक़्क़ी की नई हवा… कुछ दिनों पहले ही जिसका उद्घाटन हुआ हो उस सड़क को मरम्मत की ज़रूरत पड़ गई और एक्सप्रेस स्पीड से मरम्मत को सुखाने के लिए पंखे का इस्तेमाल किया जा रहा है ये भी हास्यास्पद है। 2-3 हफ़्ते में ही जिस एक्सप्रेसवे का दम उखड़ने लगा है उस पर चलने का जोखिम… pic.twitter.com/zfoydUzRAL
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) August 6, 2026
NHAI ने शुरू की कार्रवाई, फिलहाल टोल वसूली बंद
जानकारी के मुताबिक, 26 जुलाई को उन्नाव के कुरारी गांव के पास किलोमीटर 64 पर पहली बार सड़क का डामर उखड़ा और धंसाव हुआ। इसके बाद 3 अगस्त तक कुल आठ स्थानों पर सड़क क्षतिग्रस्त मिली। इनमें किलोमीटर 72, 70, 68, 64, 45.75, 36 और 30.6 शामिल हैं। सबसे ज्यादा नुकसान किमी 64 पर 200 मीटर लंबे पुल के हिस्से में हुआ, जहां सड़क दोबारा बनाई जा रही है।
एनएचएआई के मुख्य महाप्रबंधक एवं उत्तर प्रदेश क्षेत्रीय अधिकारी गौतम विशाल ने बताया कि निर्माण कंपनी के साथ-साथ निगरानी करने वाले स्वतंत्र इंजीनियरिंग सलाहकार और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। मरम्मत पूरी होने तक एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली रोक दी गई है और इस अवधि का आर्थिक नुकसान निर्माण कंपनी पीएनसी से वसूला जाएगा।
