UP Politics: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यसभा चुनाव के टिकट बंटवारे को लेकर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव से सवाल किए। उन्होंने कहा कि एक टिकट अपने चाचा जान रामगोपाल यादव को दिया और दूसरा मुंबई के धन्नासेठ को बेच दिया।
सपा प्रमुख एक टिकट काशी के ही किसी यादव को दे देते। गाजीपुर, बलिया से किसी को बना देते। दूसरी सीट पर किसी दलित को भेज देते, नहीं बनाया। अपने खानदानी वोटर मुसलमानों को ही बना देते। वो भी तो नहीं बनाया। मैं समाजवादियों से पूछना चाहता हूं, ये जो PDA-PDA चिल्लाते हैं, राज्यसभा के टिकट में वो PDA कहां चला गया?
पीडीए के दो फुल फॉर्म साबित हो गए
सीएम योगी ने कहा कि यूपी में अभी हाल ही में राज्यसभा का चुनाव हुआ। आपने देखा होगा 10 सीट थी। आठ सीट भाजपा जीतती है, सपा के पक्ष में 2 सीट रही। भाजपा ने हर समाज को प्रतिनिधित्व देते हुए उन्हें राज्यसभा में भेजा। उन्होंने कहा- हो गया ना ‘परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी’ और ‘पराया धन अपना’, दोनों साबित हो गए। यही सपा की सच्चाई है। यूपी में भर्तियों में पारदर्शिता है, निष्पक्षता है। क्या यही ईमानदारी, ऐसी ही निष्पक्षता सपा की सरकार में था। एक आयोग का अध्यक्ष अनिल यादव को बना दिया था, जो उसके योग्य ही नहीं था।
उत्तर प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन में एक बार एक ऐसा व्यक्ति टॉप किया था जो हाईस्कूल, इंटर, बीए में थर्ड डिवीजन पास है। उसे सपा ने टॉप बना दिया। अराजकता और गुंडागर्दी थी। योगी बुधवार दोपहर संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में शिक्षक और स्नातक महासम्मेलन में शामिल होने वाराणसी पहुंचे थे। ये कार्यक्रम विधान परिषद के शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में रखा गया।
सपा पर भरोसा करना मगरमच्छ से नदी पार कराने जैसा
योगी ने सपा पर वादों से मुकरने का आरोप लगाते हुए कहा कि उस पर विश्वास करना मगरमच्छ से नदी पार कराने की उम्मीद करने जैसा है। मगरमच्छ नदी के बीच में ले जाकर क्या करेगा, यह सभी जानते हैं।
उन्होंने सपा नेताओं पर बार-बार रंग बदलने का आरोप लगाते हुए कहा कि इन्हें देखकर गिरगिट भी खुश होता होगा कि मनुष्य में उसकी जाति का कोई पैदा हो गया है। उन्होंने कहा कि सपा को प्रदेश की नहीं, केवल अपने परिवार की चिंता रही है। समाज में भेदभाव और बंटवारा पैदा करने वाली राजनीति से सावधान रहना चाहिए।
सैफई सिंडिकेट ने युवाओं के भविष्य से किया खिलवाड़
मुख्यमंत्री योगी ने आरोप लगाया कि सपा सरकार में भर्ती आयोगों और बोर्डों पर सैफई सिंडिकेट का कब्जा था। चाचा-भतीजे की जोड़ी वसूली के लिए निकलती थी। वर्ष 2017 में बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों के 1.60 लाख पद खाली थे।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने नियुक्तियां कीं और सेवानिवृत्ति से रिक्त होने वाले पदों पर भी भर्ती जारी है। प्रदेश में साढ़े नौ लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं। अगले छह महीने में एक लाख और नियुक्तियां देने का संकल्प है। बुधवार को उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती में 32 हजार युवाओं का परिणाम घोषित हुआ है।
शिक्षकों की समस्याएं उठाने वाला हो प्रतिनिधि
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विधान परिषद में ऐसा प्रतिनिधि होना चाहिए, जो शिक्षकों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से सरकार के सामने रख सके। उन्होंने उच्चतम न्यायालय के टीईटी संबंधी निर्णय के बाद पुराने शिक्षकों के लिए विशेष टीईटी की व्यवस्था करने का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि बेसिक से विश्वविद्यालय स्तर तक के शिक्षकों को पांच लाख रुपये की स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई गई है। स्ववित्तपोषित संस्थानों के शिक्षक भी इसमें शामिल हैं। वित्तपोषित विद्यालयों के शिक्षकों के लिए 40 लाख से डेढ़ करोड़ रुपए तक के बीमा कवर का भी उन्होंने उल्लेख किया।
