सपा-कांग्रेस पर भड़के CM योगी, बोले- गैरजिम्मेदाराना हरकतों से बाज आएं, CEC को कटघरे में खड़ा करना ठीक नहीं

सपा-कांग्रेस पर भड़के CM योगी, बोले- गैरजिम्मेदाराना हरकतों से बाज आएं, CEC को कटघरे में खड़ा करना ठीक नहीं

CM Yogi Press Conference: भारतीय चुनाव आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर छिड़े विवाद के बीच मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने रविवार (27 सितंबर) को लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। सपा और कांग्रेस पर जमकर भड़के। उन्होंने कहा- SIR की कार्रवाई को लेकर कांग्रेस, सपा, राजद समेत विपक्षी दल हायतौबा मचा रहे हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि ये चुनाव आयोग, मुख्य निर्वाचन आयुक्त और हर संवैधानिक संस्था को कटघरे में खड़ा करके भारत की बदनामी कर रहे हैं। इनकी लोकतंत्र को कमजोर करने की मंशा हैरान करने वाली है। अपनी गैरजिम्मेदाराना हरकतों को कंट्रोल करें। लोकतंत्र में हिंसा, तोड़फोड़ और दुष्प्रचार के लिए कोई जगह नहीं है।

अपने बचकाने बयानों पर चिंतन करे विपक्ष

सीएम योगी ने कहा- विपक्षी दल अगर चुनाव जीतें तो यह उनका पुरुषार्थ है। लेकिन भ्रष्टाचार, धांधली, घटिया नीति और अराजकता के चलते जनता इन्हें खारिज करे तो चुनाव आयोग और EVM को दोषी ठहराते हैं। इन दलों को अपने बचकाने बयानों को लेकर चिंतन करना चाहिए।

1- विपक्षी पार्टियों ने SIR को लेकर भ्रम फैलाया

मुख्‍यमंत्री ने कहा- ये लोग भारत की संवैधानिक संस्थाओं को नुकसान पहुंचाने का काम कर रहे हैं। राजनीतिक स्वार्थ के लिए लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने की साजिश रच रहे हैं। इन्होंने SIR को लेकर भ्रम फैलाया है। SIR पहली बार नहीं हुआ है। 1952, 1957, 1961, 1965-66, 2003 में भी SIR हुआ।

देश में सबसे लंबे समय तक शासन करने वाली कांग्रेस लगातार चुनाव आयोग को कठघरे में खड़ा कर रही है। SIR के बारे में पहले से ही निर्देश दिए गए थे कि छूटे हुए मतदाताओं को फॉर्म भरने की पूरी छूट है। फॉर्म-6 को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग की कार्रवाई को ठीक ठहराया है।

2- कांग्रेस ने सेना के पराक्रम पर सवाल खड़े किए

CM ने कहा- राहुल गांधी ने कैंब्रिज में भारत की न्यायपालिका की निष्पक्षता पर प्रश्न खड़ा किया था। 2019 में CAG ने राफेल के मुद्दे पर अपना ऑब्जर्वेशन दिया था, इस पर भी कांग्रेस ने सवाल खड़े किए थे। EVM से हुए चुनाव में केंद्र और कई राज्यों में कांग्रेस की सरकार बनी, उस EVM को ब्लैक बॉक्स कहकर भारत की चुनाव प्रणाली और लोकतंत्र पर सवाल खड़ा करना दुर्भाग्यपूर्ण है।

इन लोगों को संवैधानिक और लोकतांत्रिक मूल्यों पर विश्वास नहीं है। इन्होंने अपनी भ्रष्ट कार्यप्रणाली के कारण देश की सुरक्षा के साथ लगातार खिलवाड़ किया। बालाकोट की एयर स्ट्राइक, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के बहादुर जवानों के शौर्य-पराक्रम पर इन्होंने सवाल खड़े किए। यह देशभक्ति नहीं है। वर्तमान में ऐसी ही हरकतें विपक्षी दल कर रहे हैं।

3- विपक्षी दल आम लोगों और संवैधानिक संस्थाओं से माफी मांगे

योगी ने कहा- तीनों चुनाव आयुक्तों ने मीडिया के सामने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, छूटे मतदाताओं और फॉर्म-6 को लेकर स्थिति साफ कर दी है। अब कोई प्रश्न खड़े नहीं होते हैं। इसके बाद भी कांग्रेस, सपा और उनके सहयोगी दल बाल की खाल उधेड़ने में लगे हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है।

भारत में हर वयस्क को जाति, क्षेत्र, भाषा और लिंग के भेदभाव के बिना वोट देने का अधिकार है। चुनाव से एक दिन पहले तक मतदाता सूची में नाम जुड़वाने का भी अधिकार है। ऐसी पूरी पारदर्शी प्रक्रिया पर सवाल उठाना लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने जैसा है। विपक्षी दलों को अपने रवैये के लिए आम लोगों और संवैधानिक संस्थाओं से माफी मांगनी चाहिए।

CEC को लेकर क्या है विवाद?

द इंडियन एक्सप्रेस की 23 सितंबर की रिपोर्ट के मुताबिक, दो चुनाव आयुक्तों ने पिछले 10 महीनों में SIR को लेकर कम से कम 14 बार लिखित आपत्ति दर्ज की। इनमें 4 आपत्तियां एक ही दिन की गई थीं। हालांकि, चुनाव आयोग ने कहा था कि ऐसी आपत्तियां सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हैं। SIR समेत सभी अंतिम फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं।

विपक्षी नेताओं के बयान

राहुल गांधी– मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश ने वोट चोरी की है। वे देशद्रोही हैं। मैंने उनकी नियुक्ति का विरोध किया था, लेकिन सरकार ने मेरी बात नहीं मानी।

अखिलेश यादव– अब ज्ञानेश कुमार की निगरानी में कोई चुनाव नहीं होना चाहिए। आयोग के भीतर फैसलों पर आपत्तियां उठना इस बात का संकेत है कि मुख्य चुनाव आयुक्त सत्ता की कठपुतली बनकर काम कर रहे हैं।

प्रियंका गांधी– 13 करोड़ मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं। राहुल गांधी कई प्रेस कॉन्फ्रेंस में इससे जुड़े सबूत पेश कर चुके हैं। इस मुद्दे को सिर्फ राजनीतिक दावा बताकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ दिल्ली के संसद मार्ग थाने में शिकायत दर्ज कराई है। महुआ का आरोप है कि ज्ञानेश ने मतदाता सूची में नियमों के खिलाफ बदलाव किए गए और पात्र मतदाताओं के नाम हटाए गए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *