Raksha Bandhan 2026: रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के अटूट प्रेम और रक्षा के वचन का प्रतीक है। लेकिन इस बार लखनऊ के हिम स्टेट इलाके में रक्षाबंधन से पूर्व एक बेहद मानवीय और प्रेरणादायक तस्वीर देखने को मिला है। किडजी स्कूल के नन्हे-मुन्नों ने परंपरा से हटकर एक अनूठी पहल की। इन बच्चों ने देवा रोड, मटियारी के स्वास्थ्य कर्मियों के साथ यह पावन पर्व मनाया। सुबह-सुबह स्कूल यूनिफॉर्म में सजे-धजे बच्चे जब देवा रोड स्थित एक हॉस्पिटल पहुंचे, तो वहां का माहौल पूरी तरह बदल गया। बच्चों ने उन हाथों पर रंग-बिरंगी राखियां बांधीं, जो रोज सुबह-शाम हमारे शहर को स्वस्थ और सेहतमंद बनाने के लिए कार्यरत रहते हैं। स्वास्थ्यकर्मी भी बच्चों के इस निस्वार्थ प्रेम और सम्मान को पाकर भावुक हो उठे।

बच्चों ने तिलक लगाकर और मिठाई खिलाकर अपने इन ‘स्वास्थवीरों’ की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना की। मौके पर मौजूद चिकित्सक वजहुल रहमान ने बच्चों और स्कूल प्रशासन की इस सोच की जमकर तारीफ की। किडजी स्कूल की सेंटर हेड रितु सिंह ने कहा कि यह पहल स्वास्थ्य कर्मियों के मनोबल को बढ़ाने वाली है। कार्यक्रम में किडजी स्कूल की डायरेक्टर सुषमा तिवारी, डॉ तबरेज़ अहमद, अनुराग पटेल, आकांक्षा और प्रेम नाथ, पवन, शोयब आदि मौजूद रहे।
यह कार्यक्रम केवल राखी बांधने तक सीमित नहीं था। इसके जरिए बच्चों ने समाज को एक बड़ा संदेश दिया कि हर काम सम्मान के योग्य है। जो लोग निस्वार्थ भाव से समाज की सेवा करते हैं, वे हमारे असली हीरो हैं। स्कूल प्रशासन ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य बच्चों में बचपन से ही सामाजिक जिम्मेदारी और श्रम के प्रति सम्मान का भाव जगाना था। नन्हे हाथों द्वारा स्वास्थ्य कर्मियों की कलाई पर बांधी गई यह राखी, महज सूत का धागा नहीं, बल्कि स्वच्छता, स्वास्थ्य और सामाजिक समरसता का एक अटूट बंधन बन गई है, जिसकी गूंज पूरे लखनऊ में सुनाई दे रही है।
