UP Politics: प्रदेश में विधानसभा चुनाव की उलटी गिनती शुरू हो गई है. इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यूपी में बयानबाजी का दौरे शुरू हो चुका है. नेताओं के एक दूसरे पर हमले तेज होते जा रहे हैं. ऐसे ही कुछ हुआ जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इशारों इशारों में बिना नाम लिए सपा प्रमुख अखिलेश यादव को टोटी चोर कहा तो अखिलेश यादव ने नाम लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर हमला बोला और उन्हें “करप्ट माउथ” करार दे दिया.
दरअसल पर्यावरण दिवस के मौके पर लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ लोगों को पर्यावरण संरक्षण को लेकर संकल्प दिला रहे थे. बोलते-बोलते जल संरक्षण की बात आई और पानी बचाने की अपील करते हुए सीएम ने कहा कि उनकी सरकार हर घर नल योजना से लोगों के घरों में पानी पहुंचा रही है लेकिन कुछ लोग टोटी चुरा लेते हैं. ये कहकर सीएम योगी जरा सा ठहरे, फिर मुस्कुराए और सामने बैठे लोग तालियां बजाने लगे.
… वायरल हुआ योगी का बयान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ये बयान थोड़ी ही देर में वायरल हो गया. उनके बिना नाम लिए भी लोगों ने उनके बयान को समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव से जोड़ दिया. देर शाम सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सीएम योगी को सिर्फ जवाब नहीं दिया बल्कि उनके संन्यासी जीवन से पहले का नाम लेकर उन पर हमला बोला दिया. उन्होंने सीएम योगी के संन्यासी जीवन से पहले के काम का ज़िक्र करते हुए उनकी भाषा शैली पर सवाल खड़े किए. अखिलेश ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक के बाद एक तीन पोस्ट लिखते हुए योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा. जिसमें उन्होंने सीएम को करप्ट माउथ कहा. उनके पुराने बयानों का जिक्र किया. साथ ही एक पोस्ट में यह भी कहा कि वनस्पति विवेक छिन लेती है.
लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में बोले सीएम –
हमने हर घर नल योजना को आगे बढ़ाया तो कोई टोटी चोरी कर ले रहा है … pic.twitter.com/K72ycuR2jU
— Anamika Singh kaali (@Anamika4S) June 5, 2026
यूपी में टोटी चोर का क्या है विवाद?
टोटी का विवाद यूपी में लगभग 9 साल पुराना है. हुआ कुछ यूं कि साल 2017 में सपा की सरकार गई और योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री के पद की शपथ ली. अखिलेश यादव मुख्यमंत्री का बंगला छोड़कर गए तो नए सीएम योगी आदित्यनाथ के लिए उस बंगले में कुछ सुधार कराने का काम शुरू हुआ. शोर हुआ कि अखिलेश यादव बंगला छोड़कर गए तो सीएम आवास में लगी टोटी भी अपने साथ लेकर चले गए. लखनऊ के 5 कालिदास मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास पर मीडिया भी पहुंचा. सीएम के बंगले को दिखाकर बताया गया कि जहां जहां टूट हुई है वहां लगी टोटियों को पूर्व सीएम अखिलेश यादव अपने साथ लेकर चले गए हैं. बीजेपी ने इसको मुद्दा बनाकर समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव को निशाना बनाना शुरू कर दिया. सपा ने जवाब दिया लेकिन बीजेपी ने टोटी के नाम पर अखिलेश यादव पर खूब हमला किया.
CM यानी करप्ट माउथ
• ANI पर गाली।
• सदन में नेता प्रतिपक्ष जैसे वयोवृद्ध को अभद्र शब्दों से संबोधित किया।
• गुरुजनों से अभद्र वाचिक व्यवहार
• मंच से गाली।
• और अब भाषण का यह निम्न स्तर।आख़िर क्यों?
विज्ञान कहता है की किशोरावस्था में किया गया “वनस्पति” का अत्यधिक सेवन… pic.twitter.com/N3r2Sltv9J
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) June 5, 2026
अखिलेश ने रिटायर्ड IAS अधिकारी और CM के पूर्व OSD पर लगाए थे आरोप
समाजवादी पार्टी के मुखिया भी टोटी चोरी के आरोपों को अब तक नहीं भूले हैं. जब आरोप लगा था तब एक पीसी में वो टोटी लेकर आए थे. उसके बाद भी कई बार उन्होंने बीजेपी पर झूठा आरोप लगाकर बदनाम करने का आरोप लगाया. कुछ महीनों पहले एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने साफ़ कहा कि एक रिटायर्ड आईएएस अधिकारी और सीएम के एक पूर्व ओएसडी ने टोटी चोरी की कहानी गढ़ी थी. अगर सपा की सरकार आई तो इन दोनों लोगों को यूपी छोड़कर भागना पड़ेगा.
अब भी टोटी के बहाने यूपी में खूब होती राजनीति
भारतीय जनता पार्टी गाहे बगाहे टोटी के नाम पर सपा और अखिलेश यादव पर हमले करती रहती है. सीएम योगी के बयान के बाद जिस तरह का जवाब सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दिया है, वो बताता है कि बीजेपी और सपा में इस वक़्त किस तरह का आरोप प्रत्यारोप का दौर चल रहा है. अभी विधानसभा चुनाव में लगभग 7-8 महीने बचे हैं लेकिन ये आरोप बता रहे हैं कि यूपी की लड़ाई कितनी बड़ी है और इस लड़ाई में आरोप सिर्फ राजनैतिक ही नहीं बल्कि व्यक्तिगत भी लगेंगे.

