Bareilly News: श्री राम मूर्ति स्मारक (SRMS) इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, इंस्टीट्यूट ऑफ एलाइड एंड हेल्थ केयर साइंसेज और कॉलेज ऑफ नर्सिंग के 13वें दीक्षांत समारोह का शनिवार को भव्य आयोजन किया गया। इस समारोह में कुल 388 विद्यार्थियों को उनकी डिग्रियां, प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार प्रदान किए गए।
इन मेधावी विद्यार्थियों ने मारी बाजी
समारोह के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया:
डॉ. स्तुति छाछरिया (पोस्टग्रेजुएट MD/MS) और डॉ. स्पर्श सूरी (MBBS) को विश्वविद्यालय में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने पर ‘श्रीराम मूर्ति गोल्ड मेडल’ के साथ 51-51 हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया गया।
पैरामेडिकल की खुशी बंसल और सायमा बी को गोल्ड मेडल के साथ 11-11 हजार रुपये का नकद पुरस्कार मिला।
नर्सिंग की मोनिका सिंह को ‘श्रीमती चंचल मेहरोत्रा गोल्ड मेडल’ और 11 हजार रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया।
इसके अलावा विभिन्न संकायों के कुल 53 विद्यार्थियों को उनकी विशेष उपलब्धि के लिए ट्रॉफी और प्रमाण पत्र दिए गए।
अतिथियों ने दी सफलता की सीख
एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) अनिल कुमार राय की अध्यक्षता में हुए इस दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) डॉ. पवन कपूर (टेक्निकल एडवाइजर, मेडिकल एजुकेशन एब्रॉड) उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत एसआरएमएस ट्रस्ट के संस्थापक एवं चेयरमैन देव मूर्ति, मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) डॉ. एमएस बुटोला और अन्य गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में हुई।

मुख्य अतिथि डॉ. पवन कपूर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि डिग्री मिलना यात्रा का अंत नहीं, बल्कि सही मायने में इसकी शुरुआत है। उन्होंने युवाओं को ईमानदारी, प्रतिबद्धता, विनम्रता और मरीजों के प्रति सच्ची सहानुभूति रखने का संदेश दिया।
चेयरमैन देव मूर्ति ने कही ये बात
कुलपति डॉ. अनिल कुमार राय ने कहा कि एआई (AI) के इस दौर में देश को सिर्फ अच्छे नहीं, बल्कि ‘महान चिकित्सकों’ की जरूरत है, जो रोगी की पीड़ा को महसूस कर सकें। चेयरमैन देव मूर्ति ने अपने संबोधन में कॉलेज की स्थापना के उद्देश्यों को साझा करते हुए कहा कि मरीजों के इलाज में एक-एक मिनट (गोल्डन मिनट) बहुत कीमती होता है, इसलिए डॉक्टर सेवा भाव और पूरी जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करें।

समारोह के अंत में वाइस प्रिंसिपल डॉ. रोहित शर्मा ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया, जबकि मंच का संचालन डॉ. आयुषि शुक्ला और डॉ. शिवांगी मिधा ने संयुक्त रूप से किया।
