Kanpur News: कानपुर साउथ जोन में साइबर अपराधियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। अप्रैल 2025 से अब तक साइबर ठगी की 7,300 से अधिक शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें नागरिकों को करीब 18 करोड़ रुपये का भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा है। संपूर्ण उत्तर प्रदेश की बात करें तो 28 फरवरी 2025 तक 4.10 लाख से अधिक मामलों में 3,377 करोड़ रुपये की ठगी दर्ज की गई है। अपराधी ठगी के लिए QR कोड, फर्जी KYC, नकली लोन ऐप, बिजली बिल काटने के मैसेज और फर्जी कस्टमर केयर जैसे तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
साइबर सुरक्षा के प्रति किया गया जागरूक
साइबर अपराध के इस बढ़ते खतरे से नागरिकों को सुरक्षित करने और डिजिटल स्वच्छता सिखाने के उद्देश्य से कानपुर के जूही कॉलोनी स्थित ज्योति हाइट्स अपार्टमेंट में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान बजाज फाइनेंस लिमिटेड ने ‘नॉकआउट डिजिटल फ्रॉड’ अभियान चलाकर लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। कंपनी ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के दिशानिर्देशों के तहत नागरिकों को सतर्क रहने, क्लिक करने से पहले सोचने और किसी भी प्रकार का OTP या PIN साझा न करने की सलाह दी।
कार्यक्रम में साइबर सेल अधिकारियों ने बताया कि महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे ठगों के आसान शिकार बन रहे हैं। बुजुर्गों को ‘डिजिटल अरेस्ट’ और फर्जी निवेश के नाम पर डराया जा रहा है, जबकि बच्चों को ऑनलाइन गेमिंग के ज़रिए जाल में फंसाया जा रहा है। साइबर सेल इंचार्ज संजीत मलिक और आरती राजपूत ने जोर देकर कहा कि लोगों को केवल स्मार्टफोन रखने के बजाय एक स्मार्ट यूजर बनने की जरूरत है।
‘गोल्डन ऑवर्स‘ है सबसे महत्वपूर्ण
अधिकारियों ने डिजिटल ठगी से बचने और पैसे सुरक्षित रखने के लिए ‘गोल्डन ऑवर्स’ (घटना के तुरंत बाद का समय) को सबसे महत्वपूर्ण बताया। समय पर शिकायत दर्ज कराने के कारण अकेले कानपुर साउथ जोन में 6.27 करोड़ रुपये और पूरे प्रदेश में 511 करोड़ रुपये से अधिक की राशि ब्लॉक करने में सफलता मिली है। यदि किसी के साथ डिजिटल फ्रॉड होता है, तो बिना समय गंवाए तुरंत नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या official cybercrime portal पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
