Baba Ramdev: योग गुरु बाबा रामदेव ने देश में चल रहे विरोध प्रदर्शनों को लेकर बड़ा बयान दिया है। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में बोलते हुए बाबा रामदेव ने कहा कि विरोध प्रदर्शनों में देश के बच्चों का इस्तेमाल किया जा रहा है। दुनिया के किसी भी कोन में ऐसा नहीं होता है। इसके साथ ही रामदेव ने कहा, इस देश में हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, जैन, बौद्ध, ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र, दलित, आदिवासी, वनवासी या SC/ST समुदाय खतरे में नहीं हैं। असल में देश का बचपन और युवा पीढ़ी, देश का वर्तमान और भविष्य, इसकी प्रकृति, संस्कृति और सभ्यता और इसकी अखंडता और संप्रभुता खतरे में है।
#WATCH | Raipur, Chhattisgarh: Yoga Guru Baba Ramdev says, “…In this country, it is not Hindus, Muslims, Sikhs, Christians, Jains, Buddhists, Brahmins, Kshatriyas, Vaishyas, Shudras, Dalits, Adivasis, Vanvasis, or SC/ST communities who are in danger. What is truly at risk is… pic.twitter.com/DY01bJU6Ud
— ANI (@ANI) August 16, 2026
विरोध के नाम पर नहीं होनी चाहिए अराजकता
रामदेव ने कहा, कुछ लोग विरोध प्रदर्शनों में देश के बच्चों का इस्तेमाल कर रहे हैं। छोटे बच्चों को विरोध प्रदर्शनों में नहीं धकेलना चाहिए। दुनिया में कहीं और ऐसा नहीं होता है। संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए संवैधानिक, लोकतांत्रिक, नैतिक, आध्यात्मिक और मानवीय मूल्यों पर आधारित आंदोलन होने चाहिए। मैं इसका समर्थन करता हूं। हालांकि, विरोध के नाम पर अराजकता नहीं होनी चाहिए और ऐसे आंदोलनों के लिए बच्चों का शोषण नहीं किया जाना चाहिए।
शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्रों को सही दिशा में आगे बढ़ने की जरूरत
योग गुरु रामदेव ने कहा, यह सच है कि देश के शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्रों को सही दिशा में आगे बढ़ने की जरूरत है। इन प्रणालियों को लेकर गंभीर सवाल हैं जिनका समाधान जरूरी है। मेरा मानना है कि इस संबंध में सरकार की बड़ी जिम्मेदारी है। पूरे देश की व्यवस्था को बदलना किसी एक पार्टी, विपक्षी समूह या व्यक्ति के बस की बात नहीं है। इसके लिए सामाजिक, राजनीतिक और प्रशासनिक तीनों स्तरों पर जागरूकता जरूरी है।
Gen-Z से बाबा रामदेव की खास अपील
वहीं, इसके पहले बाबा रामदेव ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर Gen-Z से हिंसा और कानून-व्यवस्था तोड़ने वाली गतिविधियों में शामिल न होने की अपील की विरोध-प्रदर्शन संविधान के दायरे में रहकर ही किए जाने चाहिए। इसके साथ ही रामदेव ने कहा, ‘हमें पूरे देश में नफरत की सभी दीवारों को गिराना होगा। 80वें स्वतंत्रता दिवस पर, आइए हम ‘बांटो और राज करो’ की नीति को खत्म करने का संकल्प लें।
